जैसलमेर / डीबीटीएल (डाइरेक्ट बेनिफिट ऑफ ट्रांसफर एलपीजी) स्कीम से जुडऩे के लिए 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद 1 अप्रेल से सभी उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर के लिए 630 रुपए चुकाने होंगे। जिन उपभोक्ताओं के खाते लिंक हो गए हैं। उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि जमा की जाएगी। जिनके खाते लिंक नहीं हुए हैं, उन्हें बैंक लिंक कराने के बाद सब्सिडी की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। गैस कनेक्शन को लिंकअप कराने के लिए कंपनी की ओर से एसएमएस और फोन किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अधिकतर उपभोक्ताओं के पास एसएमएस नहीं भेजे जा रहे हैं। यहां तक कि शहर में 2 गैस एजेंसी हैं, इनकी ओर से कभी-कभी ही लिंक अप कराने के लिए कैंप लगाया गया है। जबकि ग्राहकों को जागरूक करने के लिए बराबर कैंप का आयोजन किया जाना चाहिए। 1 अप्रैल से 30 जून पार्किंग पीरियड रहेगा। इस पीरियड में लिंक कराने का 1 और मौका रहेगा, लेकिन शर्त रहेगी उपभोक्ता कों बिना सबसिडी वाला सिलेंडर लेना पड़ेगा। सिलेंडर की सबसिडी गैस कंपनी के पास जमा रहेगी। पार्किंग पीरियड में खाता लिंक होने के बाद सबसिडी की राशि ग्राहक के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।
दरअसल खाते लिंक कराने के लिए कई उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं के बैंक में खाते नहीं खुल सके हैं। न ही उनके आधार कार्ड बनकर आए हैं। ऐसी कागजी कार्रवाई पूरी न हो पाने के कारण उपभोक्ताओं को जानकारी जमा करने में देरी हो रही है। शहर में दो गैस एजेंसी संचालित हैं। इन दोनों गैस एजेंसियों में 70 से 75 प्रतिशत उपभोक्ताओं के खाते लिंक हो चुके हैं। अब 31 मार्च तक का समय बचा है। इसके बाद तय दामों पर ही सिलेंडर उपभोक्ताओं को मिलेगा।
दरअसल खाते लिंक कराने के लिए कई उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं के बैंक में खाते नहीं खुल सके हैं। न ही उनके आधार कार्ड बनकर आए हैं। ऐसी कागजी कार्रवाई पूरी न हो पाने के कारण उपभोक्ताओं को जानकारी जमा करने में देरी हो रही है। शहर में दो गैस एजेंसी संचालित हैं। इन दोनों गैस एजेंसियों में 70 से 75 प्रतिशत उपभोक्ताओं के खाते लिंक हो चुके हैं। अब 31 मार्च तक का समय बचा है। इसके बाद तय दामों पर ही सिलेंडर उपभोक्ताओं को मिलेगा।

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