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Tuesday, 5 May 2015

कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर व पोकरण की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सोमवार को

जैसलमेर । कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर व पोकरण की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्‍वविद्यालय बीकानेर के कुलपति माननीय डॉ. बी.आर. छींपा की अध्यक्षता में 11 मई, सोमवार को प्रातः 11 बजे कृषि विज्ञान केन्द्र सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर के.डी. खिडिया ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर एवं पोकरण की वार्षिक प्रचार-प्रसार गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुतीकरण करने के साथ ही वार्षिक कार्ययोजना 2015-16 के अनुमोदन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।

Monday, 13 April 2015

देश में पहली बार आनावारी की बजाय किसानवार सर्वे को नाबार्ड ने दी सहमति

मुख्यमंत्री चौहान की पहल का नतीजा 
किसानों की ऋण वसूली स्थगित, ब्याज भी नहीं लगेगा  


भोपाल / मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल से सहमत होकर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बेंक (नाबार्ड) ने देश में पहली बार किसानों के व्यापक हित में आनावारी के बजाय किसानवार फसल हानि का मापदंड तय करने के मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मान्य कर कर्ज की वसूली स्थगित और पीड़ित किसान को पुन: कर्ज देने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है।

प्रदेश सरकार के आग्रह पर नाबार्ड ने देश में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब आनावारी के बजाय किसान को इकाई मानते हुए  फसल क्षति का आकलन किया गया है।

मध्यप्रदेश के विशेष सन्दर्भ में  रबी 2015 में ओला वृष्टि की क्षति के लिये ऋण स्थगित करने की प्रक्रिया को नाबार्ड ने परिवर्तित कर दिया है। देश में यह पहला उदाहरण है। इससे ऐसे किसानों के शार्ट-टर्म फसल ऋण को मीडियम टर्म क्रॉप लोन में परिवर्तित किया जा सकेगा, जिनकी फसल का नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक है।

इसके अलावा राज्य सरकार ने जिन किसानों  ने सहकारी बेंकों से ऋण प्राप्त किया था उनके लिए वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में रिजर्व बेंक के मापदण्डों के अनुसार आनावारी के आधार पर फसल ऋण वसूली के लिये शार्ट-टर्म ऋण को मीडियम टर्म ऋण में परिवर्तित किया था। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 4 करोड़ 74 लाख रुपये की ऋण गारंटी नाबार्ड को दी गयी है। जिला सहकारी बेंकों को 105 करोड़ रुपये प्रदाय किये गये हैं। राज्य के अंश के रूप में यह राशि दी गयी है। साथ ही यह भी आदेश जारी किया गया है कि अगले 3 वर्ष तक स्थगित किये गये कर्ज की वसूली पर भी ब्याज शून्य प्रतिशत ही रहेगा। इस तरह मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व की घोषणाओं को पूरा किया है।

उल्लेखनीय है कि श्री चौहान की विशेष पहल पर इस बार राज्य सरकार की ओर से नाबार्ड के अध्यक्ष को किसानों के व्यक्तिगत प्रकरण के आधार पर लघु अवधि के कर्ज को मध्यम अवधि के कर्ज में बदलने का प्रस्ताव दिया गया था। राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए नाबार्ड अध्यक्ष को बताया कि गाँव की आनावारी और फसल कटाई प्रयोग में भी फसल के वास्तविक नुकसान का अंदाज नहीं हो पा रहा है। गाँव में 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान भले ही नहीं हुआ हो लेकिन उस गाँव में ऐसे कई किसान हो सकते हैं जिनका 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है। इससे वे लघु अवधि कर्ज को माध्यम अवधि कर्ज में बदलने की सुविधा से वंचित रह गए हैं। यह भी तर्क दिया गया कि गाँव की आनावारी में 50 प्रतिशत से ज़्यादा नुकसान दिख सकता है लेकिन प्रभावित किसानों की संख्या कम भी हो सकती है। नाबार्ड द्वारा नीति में परिवर्तन से किसानों को  नुकसान के हिसाब से राहत मिलने में समस्या नहीं होगी। नुकसान को जिला कलेक्टर द्वारा प्रमाणीकृत किया जायेगा।

Sunday, 29 March 2015

उपनिवेशन आयुक्त कुशवाह ने अधिकारियों को उपनिवेशन क्षेत्र के काश्तकारों की त्वरित समस्याएँ निस्तारण करने के निर्देश दिये

जैसलमेर / गिरिराज सिंह कुश्रवाहा, आयुक्त उपनिवेशन, बीकानेर ने शनिवार अपनेे जैसलमेर भ्रमण के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, इन्दिरा गांधी नहर परियोजना, जैसलमेर, उपनिवेशन क्षेत्र जिला जैसलमेर के आवंटन अधिकारियों व तहसीलदारों की बैठक लेकर उन्हें उपनिवेशन क्षेत्र के काश्तकारों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने, पटवारियों को पाबंद कर काश्तकारों के कार्यो को प्राथमिकता से निपटा राहत पहुंचाने के निर्देश दिए ।

आयुक्त उपनिवेशन कुशवाह ने उपनिवेशन क्षेत्र जिला जैसलमेर में राजकीय भूमि पर नाजायज काश्त, पानीचोरी पर चर्चा में उपस्थित आवंटन अधिकारियों व तहसीलदारों को राजकीय भूमि पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा जारी स्थगन आदेशों को निरस्त करवाने के लिए यथाशीघ्र राजकीय अभिभाषक से सम्पर्क कर स्थगन निरस्त करवाने की प्रभावी विधिक कार्यवाही सुनिश्वित करने, इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के अभियन्ताओं द्वारा कई मुरब्बों पर न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश में पानी की बारी बांधने का आदेश नहीं होने के बावजूद भी नहर विभाग के अभियन्ताओं द्वारा पानी की बारी बांधने के संबंध में अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, इगांनप, जैसलमेर को,  जिन प्रकरणों में विभिन्न न्यायालयों का स्थगन आदेश है परन्तु स्थगन आदेशों में पानी की बारी बांधने का आदेश नहीं होने के बावजूद भी पानी की बारी बांधने के जिम्मेदार अधिकारी/कार्मिक की जिम्मेदारी तय की जाकर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान् आयुक्त उपनिवेशन, बीकानेर द्वारा समस्त आवंटन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे व्यक्तिगत रूप से उपनिवेशन क्षेत्र जिला जैसलमेर में राजकीय भूमि पर नाजायज काश्त के प्रकरणों का परीक्षण करके यदि अपराधिक कृत्य की संभावना हो तो नियमानुसार कार्यवाही करें। किसी अधिकारी/कार्मिक की संलिप्तता की भी जांच कर ली जावें एवं इसमें किसी स्तर पर शिथिलता नहीं रहे। उपनिवेशन क्षेत्र में राजकीय भूमि पर हो रही अवैध काश्त के संबंध में आयुक्त उपनिवेशन, द्वारा समस्त आवंटन अधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे धारा 22 के प्रकरणों में फसल कुर्की की प्रभावी कार्यवाही सम्पादित करावें ।
सामान्य आवंटन व विशेष आवंटन के विचाराधीन प्रार्थना पत्रों के संबंध में चर्चा करते हुए आयुक्त उपनिवेशन, ने समस्त आवंटन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विचाराधीन समस्त आवेदन पत्रों का कम्प्यूटरीकरण का कार्य आगामी 15 दिवस में पूर्ण किया जाकर पालना भिजवाई जाना सुनिश्चित करें ।
   
आयुक्त उपनिवेशन, ने बताया कि पिछले लगभग तीन माह में जैसलमेर जिले में गैर खातेदारों को 15 एएए के अन्तर्गत खातेदारी के 1290 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 4258 काश्तकारों को लाभान्वित किया गया है जो सराहनीय कार्य हैं। उन्होंने इस प्रकार के शेष प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
   
आयुक्त उपनिवेशन ने अधीनस्थ आवंटन अधिकारियों एवं तहसीलदारगणों को यह भी निर्देशित किया गया कि अधीनस्थ तहसीलों में कृषि भूमि मूल्य की मांग कायमी, क्षेत्र में तावान की मांग कायमी का कार्य भी शीघ्र करावें। उन्होंने विक्रय पंजिकाओं के खातों का आवंटन अधिकारियों द्वारा प्रमाणीकरण किए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंनें विभागीय जांच प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने एवं सार्वजनिक उपयोग के जो मुरब्बें है, उनको सेट अपार्ट की कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
   
बैठक में गजेन्द्र सिंह चारण, अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन (प्रशासन), जैसलमेर , देशराज मीणा, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, इगांनप, जैसलमेर, राम अवतार मीणा, अधीक्षण अभियन्ता, इगांनप, जैसलमेर, रंजन कंसारा, अधिशाषी अभियन्ता, 19वां खण्ड, इगांनप, जैसलमेर, मानाराम, अधीक्षण अभियन्ता, जैसलमेर वृत्त, इगांनप, जैसलमेर,एच.के.खरे, अधिशाषी अभियन्ता, एसएमजी ब्रांच, रामगढ़, रेवन्तराम, तहसीलदार उपनिवेशन, नाचना-1, बनवारीलाल जाखड़, तहसीलदार उपनिवशन, मोहनगढ़-1, फुसाराम, तहसीलदार उपनिवेशन, जैसलमेर व ईशरराम, नायब तहसीलदार, उपनिवेशन तहसील, रामगढ़-1 आदि अधिकारीगण उपस्थित थे।

Friday, 20 March 2015

केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री ने सीएम राजे से की मुलाकात

जयपुर / प्रदेश में हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि को लेकर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री मोहन भाई ने की सीएम वसुंधरा राजे से मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश में किसानों के बर्बाद हुए फसलों पर चिंता जताई और किसानों की स्थिति जानी। केंन्द्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट केन्द्र की हाई पावर कमेटी को सौपेंगे। इसके बाद कमेटी मरूधरा का राहत पैकेज तय करेगी।

2 से 6 अप्रैल तक नहरों में पीने का पानी ही प्रवाहित किया जाएगा, किसान अपनी डिग्गियों/जोहड/कुण्ड में पानी का भण्डारण कर लें

जैसलमेर / अधीक्षण अभियंता इगानप जैसलमेर ने बताया कि 2 अप्रैल प्रातः 6 बजे से 6 अप्रैल प्रातः 6 बजे तक इंदिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 1254 से टेल तक 4 दिन इस संभाग के नहरों में सिर्फ पीने का पानी ही प्रवाहित किया जाएगा।

अधीक्षण अभियंता ने इस संभाग के समस्त किसानों से अपील की है कि वे नहरों में पीने के लिए दिए जाने वाले पानी का उपयोग केवल पीने के लिए ही करें। सिंचाई के लिए इस पानी का उपयोग नहीं करें। उन्होंने किसानों से यह भी अपील की है कि वे इस दौरान पीने के पानी की व्यवस्था के लिए अपनी डिग्गियो/जोहड/कुण्ड में पानी का भण्डारण कर लें। इसके साथ ही उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से अपील की है कि वे इन दिवसों में पानी के रिजरवायर में भण्डारण की व्यवस्था सुनिष्चित कर लें।

1. 2. 3. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 18. 19. 20. 1. 2. 3. 8. 9. 1. 2. 3. 8. 9. 10.

Sunday, 15 March 2015

फसलों की बर्बादी देख राेए अन्नदाता

जिले में बारिश और ओलावृष्टि से  फसलों को 60 फीसदी से अधिक नुकसान




जैसलमेर / तेज आंधी के साथ होने वाली बेमौसम बारिश से किसानों के खेत में खड़ी और काट कर रखी गई फसलों को भारी नुकसान हुआ है । बारिश के साथ ओले भी गिरे । अपनी उपज को इस तरह से खराब होते देख किसान घबरा गए हैं । तीन दिन से बारिश से फसलों को 60 फीसदी से अधिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है । इसके और आगे बढ़ने की संभावना है । हवा, बारिश और ओलावृष्टि से आड़ी हुई फसलों से नुकसान का सही अनुमान अभी लगाना मुश्किल है । तेज आधी और बारिश से किसानों की खून पसीने की मेहनत पर पानी फिर रहा है ।


स्वर्णनगरी में रविवार को भी दिन भर बादलों की आवाजाही रही । रामगढ़, पोकरण व बसिया क्षेत्र में बारिश से काफी नुकसान हुआ है । वहीं बसिया क्षेत्र के झिनझिनयाली, बईया,कुंडा, तेजमालता, रणधा, मोढ़ा, देवड़ा, चेलक आदि गांवों में शनिवार को बारिश के साथ गिरे ओलों से फसल को ज्यादा नुकसान होना बताया जा रहा है । पोकरण व भीखोड़ाई में भी बारिश से किसानों को नुकसान होने से मायूसी है । बेमौसम बारिश के कारण उगी चने, रायड़े, ईशब, जीरे की फसलों को खासा नुकसान होने का अनुमान है । किसानों का कहना है कि इस बारिश के कारण फसलों को नुकसान होगा । किसान जल्द से जल्द सर्वे करने की मांग कर रहे हैं। जिससे उनके नुकसान की पूर्ति हो सके।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों शुरूआती गर्मी में फसलें तेजी से पकती है, लेकिन बारिश ने अधपकी फसलों को अधिक नुकसान पहुंचाया है । कई जगह फसलों की कटाई तेजी से शुरू हो गई थी । खेतों में कटी रखी फसलें भी भीग गई हैं, जिनको अधिक नुकसान होने की आशंका बताई जा रही है । बेमौसम बारिश ने जहां खेतों में पड़ी गेंहूं की फसल का आड़ा कर दिया है वहीं चने के खेतों में भी बारिश का पानी भर जाने से उसमें गलाव लगने आशंका व्यक्त की जा रही है । चने की फसल भी कई खेतों में कटी पड़ी हुई है, कई जगह कटने की कगार पर है । इसी तरह ईशबगोल, जीरा और सरसों का सबसे बुरा हाल है ।

प्रशासन नहीं मान रहा नुकसान

ओलावृष्टि एवं बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर मायूसी है । किसानों का कहना है कि ओला एवं बारिश से फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है । उधर प्रशासन का मानना है कि दस प्रशित से अधिक नुकसान नहीं हुआ है । यानि किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाएगा । इस स्थिति में किसान परेशान है । फसल खराब होने से किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल है । किसानों पर संकट के बादल अभी छाए हुए हैं ।

विधायक ने लिया नुकसान का जायजा

जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया । ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि बारिश एवं ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है । ग्रामीणों ने विधायक से फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की । विधायक ने भी किसानों को उचित मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया ।

1. 2. 3. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 18. 19. 20. 1. 2. 3. 8. 9. 1. 2. 3. 8. 9. 10.

Saturday, 14 March 2015

उपनिवेशन के आबंटियों को अपनी बकाया किष्तें मय ब्याज के शीघ्र जमा कराने की चेतावनी

जैसलमेर / उपनिवेशन तहसीलदार जैसलमेर फूसाराम ने उपनिवेशन तहसील जैसलमेर व रामगढ नंबर 1 व 2 के क्षेत्राधिकार स्थित समस्त आबंटियों को सूचित किया है कि वे अपनी आबंटित भूमि की बकाया किश्तें मय ब्याज के शीघ्र ही जमा करवा दें अन्यथा बकाया रहने पर उनका आबंटन निरस्त करने की कार्यवाहीं की जाएगी। उन्होंने ऐसे सभी आबंटियों से पुनः अपील की है कि वे बकाया किश्तें शीघ्र ही जमा करवा दें। 1. 2. 3. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 18. 19. 20.    

Friday, 6 February 2015

रबी फसल कटाई प्रयोग का कार्य समय पर सम्पादित करें - अतिरिक्त जिला कलक्टर


सम्भागियों को दिया फसल कटाई प्रयोग का प्रशिक्षण  

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Diffusé par Adcashजैसलमेर / राजस्व मडल राजस्थान अजमेर के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभा कक्ष में अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ शर्मा की अध्यक्षता में फसल कटाई का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में अतिरिक्त कलक्टर शर्मा ने सम्भागियों को निर्देश दिए कि वे फसल कटाई प्रयोग रबी मौसम के खेतो का चयन कर समय पर इस कार्य को सम्पादित करें। उन्होंने फसल कटाई प्रयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी एंव कहा कि जो प्रपत्र इसके लिए भरे जाने है उसको सही समय पर भरवाने की व्यवस्था करे।
   
अतिरिक्त जिला कलक्टर शर्मा ने सम्भागियों को निर्देश दिए कि जब से फसल बीमा योजना लागू हुई उसके कारण फसल कटाई प्रयोग का महत्व बहुत अधिक हो गया है इसके लिए वे मौके पर सही ढंग से कार्य कर फसल कटाई का प्रयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस दौरान तहसीलदार जैसलमेर पीताम्बरदास राठी के साथ ही भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारी व उपनिदेशक कृषि विस्तार रणजीत सर्वा उपस्थित थे।

उन्होंने सम्भागियों को निर्देश दिए कि वे प्रपत्र संख्या एक व दो समय पर भिजवावे साथ ही संबन्धित पटवारी/भू अभिलेख निरीक्षकों को निर्देशित किया की मौके पर जाकर खेत का चयन करे। खेत के चयन करने की विधि से उन्होने बताया कि राजस्व मण्डल द्वारा आवंटित रेण्डम जोड़े की संख्या में कुल खसरों की संख्या का भाग दिया जावे और जो शेषफल बचे उसी शेषफल की संख्या के खसरे में फसल कटाई प्रयोग सम्पादित किया जावें।
   
शर्मा ने उपस्थिति सम्भागीयों को निर्देश दिये है कि फसल कटाई प्रयोग के अन्तर्गत जो प्लाॅट का निर्धारण किया जाता है उस प्लाट का निर्धारण फसल कटाई के दिन ही बना जाये। निर्धरित माप का प्लाॅट अर्थात 5 गुणा 5 मीटर के प्लाट में जो फसल है उसी फसल के दानों का दस ग्राम तौल कर प्रपत्र संख्या दो भरा जाना है। प्रपत्र भरने में एवं भिजवाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही कोताही न बरती जावें।

यह प्रशिक्षण भू अभिलेख कलेक्ट्रेट जैसलमेर के प्रभारी अधिकारी डाॅ0 बृजलाल मीना द्वारा पावर प्रजेन्टेशन के मासध्यम से विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया तथा उपस्थिति सम्भागीयों की शंकाओं एवं समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया। खाद एवं बीज से संबन्धित जानकारी कृषि विभाग के अधिकारी द्वारा सेम्पलों के माध्यम से अवगत कराया गया।

इस प्रशिक्षण में जैसलमेर जिले के उपखण्ड जैसलमेर व फतेहगढ के राजस्व अधिकारी/ भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारी, उपनिवेशन सहित तथा संबंधित क्षेत्र के कृषि विभाग के कर्मचारी/अधिकारीयों प्रशिक्षण में भाग लिया।  प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख कलेक्ट्रेट जैसलमेर डाॅ. बृजलाल मीना ने बताया की प्रशिक्षण में पटवार वृत/ गिरदावर वृत के अनुसार जिले कि चयनित फसलें यथा (चना, गेहूं, राईसरसो, जीरा, ईसबगोल) के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
डाॅ0 मीना द्वारा प्रशिक्षण के दौरान पांचवी लघु सिंचाई गणना के कार्य की समीक्षा भी कि गयी तथा जिन ग्राम पंचायतों में भामाशाह शिविर आयोजित हो चुके है सम्बन्धित पटवारीयों को निर्देशित किया है कि महिला मुखिया के बैंक खाता नम्बर संबन्धित बैंक से संकलित कर जिला भामाशाह कार्यालय में शीघ्र उपलब्ध करावें। प्रशिक्षण में तहसीलदार जैसलमेर पिताम्बर दास राठी ने भी अपने फसल कटाई से सम्बन्धित जानकारी दी गई तथा फसल कटाई प्रयोग मौसम रबी से सम्बन्धित प्रपत्र संख्या 1 सम्बन्धित पटवारीयों द्वारा 25 फरवरी तक दो प्रतियों में भरे हुए प्रपत्र सहायक निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी को भिजवाना सुनिश्चित करावें। Diffusé par Adcash

Wednesday, 24 December 2014

Agriculture News : Daily National Rajasthan, 25.12.2014



Thursday, 11 December 2014

Agriculture News : Daily National Rajasthan, 11.12.214