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Tuesday, 14 July 2015

जैसलमेर के `क्वीन हरीश' 'प्रकाश झा' की गंगाजल- 2 में दिखेंगे

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जैसलमेर / आप रानी हरीश में सुना है?  वह एक महिला के रूप में नाचती है जो एक पुरुष डांसर है। जैसलमेर, राजस्थान में जन्मे, वह 56 से अधिक देशों में पिछले एक दशक में दुनिया भर में नृत्य किया है, लेकिन बॉलीवुड में नृत्य किया था लेकिन फिल्म में कभी नहीं किया था।

उन्होंने कहा कि 2002 में बैले नृत्य को पेश किया गया था और तब से वह ऋचा ने गाया एक गीत के लिए नृत्य किया जाएगा, जहां प्रकाश झा की गंगाजल- 2 , में अपने बॉलीवुड कैरियर की शुरुआत करेगा ।

इस बात की पुष्टि करते डायरेक्टर प्रकाश झा ने कहा कि क्वीन हरीश एक औरत की तरह कपड़े बहुत ही अच्छी तरह पहन कर जानदार डान्स करता है । कहा कि, वह बहुत सुंदर है।  उन्होंने कहा कि वह सिर्फ चार घंटे में शुरू से खत्म करने के लिए गीत, सभी तेजी से होता है। बॉलीवुड में `क्वीन हरीश'  का स्वागत करते हैं।
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Tuesday, 23 June 2015

फिजी को 70 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान: पीएम मोदी



अपनी फिजी यात्रा पर सूवा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फिजी के समकक्ष बैनीमरामा से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। इसके बाद दोनों देशों के बीच तीन मुद्दों पर करार किए गए।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिजी को 70 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया। साथ ही ग्रामीण उद्यमों और छोटे व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए 5 मिलियन डॉलर देने की भी घोषणा की।

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Sunday, 21 June 2015

2005 से पहले का नोट बदलने के लिए अब सिर्फ 10 दिन बाकी

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नयी दिल्ली   यदि आपके पास 2005 से पहले का कोई नोट है, तो उसे बदलने के लिए अब सिर्फ 10 दिन का समय बचा है   इनमें 500 और 1,000 रुपये के नोट भी शामिल हैं   पुराने नोट बदलने की बैंकों की समय सीमा 30 जून को समाप्त हो रही है  

रिजर्व बैंक ने 2005 से पहले के पुराने नोटों को चलन से हटाने के लिए लोगों से उसे या तो अपने बैंक खाते में जमा कराने या फिर किसी बैंक शाखा से बदलवाने को कहा है   पहले इसकी समयसीमा 1 जनवरी थी, लेकिन बाद में इसे बढाकर 30 जून कर दी गई   2005 से पुराने सभी नोट वैध बने रहेंगे   2005 से पहले के नोट की पहचान करना आसान है 

इन नोटों के पीछे की ओर नोट छापे जाने का साल अंकित नहीं है   रिजर्व बैंक ने कहा कि इस कदम के पीछे मकसद 2005 से पहले के नोट को बाजार से हटाना है, क्योंकि उनमें 2005 के बाद नोटों की तुलना में सुरक्षा फीचर्स कम हैं   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुरानी श्रृंखला के नोटों को हटाने का चलन है  

रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों में जनवरी में समाप्त 13 माह की अवधि तक 2005 से पहले के 164 करोड नोट छोडे गए थे   इन नोटों का अंकित मूल्य 21,750 करोड रुपये है   इनमें 500 और 1,000 के नोट भी शामिल हैं  

Sunday, 14 June 2015

सुषमा हर हाल में इस्तीफा दें : कांग्रेस

नई दिल्ली !   विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के देश छोड़कर बाहर जाने में मदद करने के आरोपों के बाद कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उन्हें नैतिक आधार पर हर हाल में इस्तीफा दे देना चाहिए।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "सुषमा स्वराज को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।"
ब्रिटेन के एक समाचार पत्र में प्रकाशित रपट के मुताबिक, ब्रिटेन में भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज ने ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए सुषमा स्वराज के नाम का इस्तेमाल कर ब्रिटेन के शीर्ष आव्रजन अधिकारी पर दबाव बनाया था।

दिग्विजय ने कहा, "मंत्री ने ललित मोदी जैसे एक व्यक्ति की मदद की, जिसके खिलाफ यहां लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। यह बहुत गंभीर मामला है। विदेश मंत्री ऐसे व्यक्ति की मदद कर रही हैं, जो फरार है।"; height: 90px; width: 728px;">

Saturday, 13 June 2015

ब्राह्मणों के लिए बैडमिंटन टूर्नामेंट से सोशल मीडिया पर खलबली

बेंगलूरू / कर्नाटक में आयोजित होने जा रहे एक बैडमिंटन टूर्नामेंट ने सोशल मीडिया पर इन दिनों बवाल मचा रखा है। इस टूर्नामेंट का नाम तो ओपन टूर्नामेंट है जबकि इसमें केवल ब्राह्मणों की एक उपजाति को ही शामिल होने की अनुमति दी है। टूर्नामेंट के आयोजकों का कहना है कि यह समुदाय के लोगों के इकट्ठा होने का जरिया है और खेलों में युवाओं को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की एक पहल है।

टूर्नामेंट आयोजक दैवज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास कुडतकर ने कहा, 20-21 जून को होने वाले इवेंट्स को सिर्फ दैवज्ञ ब्राह्मणों के लिए रखा गया है। हमारा उद्देश्य संभ्रांतवादी होने का नहीं है बल्कि हमारे समुदाय से उभरती हुई प्रतिभाओं की पहचान करना है। हम इन युवा शटलरों की सहायता करना चाहते हैं ताकि वे अपनी पहचान बना सकें। हमारे उद्देश्यों को गलत समझने का कोई सवाल ही नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि ओपन टूर्नामेंट का वास्तविक मतलब क्या है तो कुडतकर ने कहाकि यह टूर्नामेंट सिर्फ आयु वर्गो के लिए ओपन है। हमारे पास महिलाओं और पुरूषों के लिए सिर्फ दो कैटिगरी हैं, एक 30 साल से ऊपर और दूसरी 30 साल से कम की। वहीं कर्नाटक बैडमिंटन एसोसिएशन को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है। एसोसिएशन के मुताबिक अगर यह एक कम्युनिटी इवेंट है तो आयोजकों को इसे आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन हम ऎसे इवेंट्स को मान्यता नहीं देंगे।

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लुधियाना में अमोनिया गैस रिसाव से छह लोगों की मौत

लुधियाना/ पंजाब के लुधियाना में शनिवार अलसुबह एक टैंकर से अमोनिया गैस लीक होने जाने के चलते छह लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। लुधियाना से 25 किलोमीटर दूर दोराहा बायपास रोड पर टैंकर एक फ्लाईओवर के नीचे फंस गया जिसके बाद गैस लीक हो गई।
गैस के शरीर के अंदर चले जाने से छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से ज्यादा लोगों को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल ले जाया गया। गैस के आस-पास के क्षेत्र में फैल जाने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। पुलिस ने बताया कि घायलों को दोराहा, खन्ना और लुधियाना के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार टैंकर लुधियाना से जा रहा था और यह गुजरात से रजिस्टर्ड था। गैस का रिसाव पांच किलोमीटर के दायरे मे फैल गया। अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।

Friday, 12 June 2015

तोमर की आप से विदाई तय

नई दिल्ली / फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार किए गए सूबे के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर आम आदमी पार्टी (आप) से भले ही कुछ दिनों बाद बाहर निकाले जाएं लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें अपने दिल से जरूर निकाल दिया है। मुख्यमंत्री के करीबियों की मानें तो अपनी साख दांव पर लगाकर तोमर की वकालत करने वाले केजरीवाल इस बात से बेहद नाराज हैं कि पूर्व मंत्री ने उन्हें अंधेरे में रखा। उनसे धोखा किया। जाहिर है तोमर के लिए अब पार्टी में बने रहना आसान नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने की थी पूछताछ 

उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो जब तोमर की फर्जी डिग्री का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने इस संबंध में पूछताछ की थी। तोमर ने उन्हें यही बताया था कि सियासी रंजिश के कारण विरोधी साजिश रच रहे हैं। तब मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा किया और दबाव के बावजूद तोमर को मंत्रिमंडल से हटाने से इन्कार कर दिया। उन्हें भरोसा था कि तोमर सच्चे साबित होंगे। मगर उनकी गिरफ्तारी के बाद सामने आ रही हकीकत ने केजरीवाल को अपने विचार बदलने पर विवश कर दिया है। इसके बाद ही तोमर को मंत्रिमंडल से निकालने का फैसला किया गया। सूत्र बताते हैं कि जब तोमर की फर्जी डिग्री की बात सामने आई तो उन्होंने एक आरटीआइ का जवाब मुख्यमंत्री के सामने पेश कर उन्हें यकीन दिलाने की कोशिश की थी कि असल में उनकी डिग्रियां फर्जी नहीं हैं। अब उस आरटीआइ के भी फर्जी साबित हो जाने के बाद पूर्व कानून मंत्री का गैर कानूनी चेहरा केजरीवाल के सामने भी स्पष्ट हो चुका है। यही वजह है कि वह अब उन्हें अपने करीब नहीं देखना चाहते।




Sunday, 3 May 2015

जयपुर के जियोलॉजिस्ट की खोज, कभी भारत से सटा हुआ था अंटार्कटिका

जयपुर। जिस अंटार्कटिका पर बर्फ की चमकदार परत बिछी रहती है, जहां पानी में तैरती बर्फ और उसमें गोते लगाती सील को देखना बड़ा मनोरम होता है। वह अंटार्कटिका करोड़ों साल पहले भारत से सटा हुआ था। भौगोलिक उथल-पुथल के चलते करोड़ों वर्ष पूर्व में हजारों किमी की यात्रा करने भारतीय प्लेट वर्तमान स्थान पर आ गई गई थी। हिमालय की उत्पति का भी यही कारण है। यह जानकारी राजस्थान विश्वविद्यालय के जियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एमके पंडित ने Dainikbhaskar.com को दी।

हाल ही में अंटार्कटिका अभियान से से लौटे प्रो. पंडित ने इस अभियान से जुड़े कुछ रोमांचक अनुभव और अभियान पर जाने के उद्देश्यों को बताया। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की ओर से 34वें अभियान के प्रथम चरण का नेतृत्व प्रो. पंडित ने किया। इस अभियान में राजस्थान से जाने वाले ये एक मात्र साइंटिस्ट थे जिन्हें अब पोलर मैन के नाम से लोग जानने लगे हैं। गौरतलब है कि अंटार्कटिका में रिसर्च के लिए जाने वाले वैज्ञानिकों को पोलर मैन की भी संज्ञा दी जाती है।

ये है रिसर्च का विषय :

प्रो. पंडित ने बताया कि करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व अंटार्कटिका और भारत एक दूसरे से सटे हुए थे। फिलहाल इस अभियान के तहत इस पर रिसर्च की जा रही है कि भारत और अंटार्कटिका की प्लेटें जुड़ी कब थीं। इसके लिए दक्षिण भारत के चट्टानों से सैंपल इकट्ठा किया गया। जब उन्हें अंटार्कटिका के चट्टानों से मैच किया गया तो पता चला कि ये दोनों एक ही काल के हैं। फिलहाल अंटार्कटिका से लाए गए सैंपल पर रिसर्च हो रहा है।

खिसकती रहती हैं प्लेटें :

प्रो. पंडित ने बताया कि पृथ्वी का बाहरी आवरण 12 मुख्य प्लेटों से बना हुआ है। इसके भीतर हलचल की वजह से ये खिसकती रहती हैं। हाल ही नेपाल में आए भूकंप की वजह भी इन्हीं प्लेटों का खिसकना है। करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी में हलचल की वजह से अंटार्कटिका और भारत की प्लेट खिसक गई थीं।
Source @ DB

एर्नाकुलम-दूरंतो एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतरे

मुंबई से एर्नाकुलम जा रही दूरंतो एक्सप्रेस बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बच गई। ट्रेन के दस डिब्बे रविवार सुबह गोवा के पास पटरी से उतर गए। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक अभी हादसे में किसी के भी हताहत होने के सूचना नहीं है। खबरों के मुताबिक हादसा रविवार सुबह साढ़े छह बजे बाली स्टेशन के पास हुआ जो कि गोवा से कुछ ही दूरी पर है।

कोंकण रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक हादसे से प्रभावित लोगों को नजदीकी स्टेशन कारवाड़ ले जाया गया और यहां से बस से यात्रियों को मंगलौर स्टेशन से एर्नाकुलम भेजा जाऐगा। घटना के बाद रेलवे यातायात बाधित होने की वजह से इस रूट की कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे ट्रेक को ठक किया जा रहा है। रेलवे के हेल्पलाईन नंबर 022-27587939 से जानकारी ला जा सकती है।
Source @ अमर उजाला

मोगा: अंतिम संस्कार को राजी हुए मृतक लड़की के पिता, मुआवजे से संतुष्ट

मोगा(पंजाब)। मोगा में पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की कंपनी की बस में एक मां-बेटी से छेड़छाड़ के मामले में मृत लड़की के पिता शव के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि वह मामले को और ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहते। पीड़ित के पिता मुआवजे से भी संतुष्ट हैं। बता दें कि पंजाब सरकार परिवार को 24 लाख रुपए का मुआवजा देगी। इसके अलावा, एससी-एसटी कमिशन ने भी 6 लाख रुपए देने का एलान किया है। साथ में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। खास बात यह है कि पिता के मानने के बावजूद रिश्तेदार अभी भी इस मामले में प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि बीते बुधवार को बस में छेड़छाड़ और रेप की कोशिश के बाद मां और बेटी को चलती बस से धकेल दिया गया। इसमें 13 साल की बेटी की मौत हो गई, जबकि मां बुरी तरह घायल हो गई।
Source @ DB

विस्‍थापित कश्‍मीरी पंडितों का दिल्‍ली में प्रदर्शन, जलाए पाक के झंडे

नई दिल्ली। ढाई दशक पहले कश्मीर से विस्थापित किए गए कश्मीरी पंडितों ने रविवार को अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने घाटी में अलग बसाए जाने के विरोध को लेकर पाकिस्तान के झंडे जलाए। प्रदर्शन में जम्मू, दिल्ली और देश के अन्य शहरों में रहने वाले कश्मीरी पंडितोें ने भाग लिया।

कश्मीरी पंडितों ने पुनर्वास को लेकर रायशुमारी करने के साथ-साथ विस्थापन के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को पंडितों को घाटी में बसाने को लेकर पहले समुदाय से राय-मशविरा करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात का एकतरफा फैसला नहीं ले सकती है कि उन्हें कैसे बसाया जाए।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य और केंद्र मेें बैठी मुफ्ती और मोदी सरकार को चाहिए कि वह हमारा वापसी को लेकर कोई भी योजना बनाने से पहले एक बार हमारे समुदाय से भ्ाी बात करे।

प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे लोगों ने काली टी-शर्ट पहन रखी थी जिस पर हुर्रियत कांफ्रेंस के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। जम्मू-कश्मीर विचार मंच के महासचिव मनोज भान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कोई भी फैसला लेने से पहले हमसे बात करे। उन्होंने राज्य सरकार से घाटी से खदेड़े जाने के दौरान कश्मीरी पंडितों की हत्या के केस को फिर से खोलने और दोषियों को सजा देने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन के कारणों की निष्पक्षता से जांच के लिए एक आयोग का गठन किया जाए।
गौरतलब है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने की घोषणा की थी जिसका अलगावादियों ने विरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने सफाई दी कि हम चाहते हैं कि पंडित घाटी में आम लोगों के साथ मिलकर-जुलकर रहें।

कश्मीरी पंडितों की मांग है कि यह फैसला करने का अधिकार उन्हें है कि वह घाटी में कहां और कैसे रहें। वे अलग होमलैंड की मांग कर रहे हैं, जहां मुस्लिमों को भी रहने का अधिकार हो।
Sorce @ जागरण

देश में पहली बार आनावारी की बजाय किसानवार सर्वे को नाबार्ड ने दी सहमति

ऐतिहासिक निर्णय


मुख्यमंत्री चौहान की पहल का नतीजा
किसानों की ऋण वसूली स्थगित, ब्याज भी नहीं लगेगा


भोपाल ।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल से सहमत होकर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने देश में पहली बार किसानों के व्यापक हित में आनावारी के बजाय किसानवार फसल हानि का मापदंड तय करने के मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मान्य कर कर्ज की वसूली स्थगित और पीडि़त किसान को पुन: कर्ज देने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है।

प्रदेश सरकार के आग्रह पर नाबार्ड ने देश में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब आनावारी के बजाय किसान को इकाई मानते हुए  फसल क्षति का आकलन किया गया है।

मध्यप्रदेश के विशेष सन्दर्भ में  रबी 2015 में ओला वृष्टि की क्षति के लिये ऋण स्थगित करने की प्रक्रिया को नाबार्ड ने परिवर्तित कर दिया है। देश में यह पहला उदाहरण है। इससे ऐसे किसानों के शार्ट-टर्म फसल ऋण को मीडियम टर्म क्रॉप लोन में परिवर्तित किया जा सकेगा, जिनकी फसल का नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा राज्य सरकार ने जिन किसानों  ने सहकारी बेंकों से ऋण प्राप्त किया था उनके लिए वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में रिजर्व बेंक के मापदण्डों के अनुसार आनावारी के आधार पर फसल ऋण वसूली के लिये शार्ट-टर्म ऋण को मीडियम टर्म ऋण में परिवर्तित किया था। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 4 करोड़ 74 लाख रुपये की ऋण गारंटी नाबार्ड को दी गयी है। जिला सहकारी बेंकों को 105 करोड़ रुपये प्रदाय किये गये हैं। राज्य के अंश के रूप में यह राशि दी गयी है। साथ ही यह भी आदेश जारी किया गया है कि अगले 3 वर्ष तक स्थगित किये गये कर्ज की वसूली पर भी ब्याज शून्य प्रतिशत ही रहेगा। इस तरह मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व की घोषणाओं को पूरा किया है।

उल्लेखनीय है कि चौहान की विशेष पहल पर इस बार राज्य सरकार की ओर से नाबार्ड के अध्यक्ष को किसानों के व्यक्तिगत प्रकरण के आधार पर लघु अवधि के कर्ज को मध्यम अवधि के कर्ज में बदलने का प्रस्ताव दिया गया था। राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए नाबार्ड अध्यक्ष को बताया कि गाँव की आनावारी और फसल कटाई प्रयोग में भी फसल के वास्तविक नुकसान का अंदाज नहीं हो पा रहा है। गाँव में 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान भले ही नहीं हुआ हो लेकिन उस गाँव में ऐसे कई किसान हो सकते हैं जिनका 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है। इससे वे लघु अवधि कर्ज को माध्यम अवधि कर्ज में बदलने की सुविधा से वंचित रह गए हैं। यह भी तर्क दिया गया कि गाँव की आनावारी में 50 प्रतिशत से ज़्यादा नुकसान दिख सकता है लेकिन प्रभावित किसानों की संख्या कम भी हो सकती है। नाबार्ड द्वारा नीति में परिवर्तन से किसानों को  नुकसान के हिसाब से राहत मिलने में समस्या नहीं होगी। नुकसान को जिला कलेक्टर द्वारा प्रमाणीकृत किया जायेगा।

लंबी रेखा खींची जाएगी वोटर की उंगली पर, ब्रश का होगा इस्तेमाल

अमिट स्याही को लेकर बदलाव



जैसलमेर ।  चुनाव के दौरान मतदाता की उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाने के संबंध में अब नया तरीका अपनाया जाएगा। वर्तमान में नाखून व ऊंगली की त्वचा तक एक छोटी रेखा खींची जाती है, लेकिन अब एक लंबी लाइन खींची जाएगी।

जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में निर्वाचन आयोग के अवर सचिव द्वारा हाल ही में एक पत्र जारी किया गया है। पहले की तरह अमिट स्याही का निशान बांए हाथ की तर्जनी पर ही लगाया जाएगा। नए तरीके में स्याही की एक पूरी लंबी रेखा तर्जनी के पूरे नाखून को कवर करती हुई ऊंगली के पहले जोड़ तक जाएगी।

आधार, मोबाइल नंबर जुड़ेंगे वोटर लिस्ट में
 
मतदाताओं के आधार व मोबाइल नंबर वोटर लिस्ट से जोडऩे के लिए अिभयान शुरू किया गया है। इसके लिए ऑनलाइन खुद ही उक्त जानकारी भर सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के बीएलओ तथाा चुनाव कार्यालय से जानकारी लेकर आधार नंबर जुड़वा सकते है। जिला चुनाव कार्यालय द्वारा आज से विशेष कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं । मोबाइल नंबर जुडऩे से इलेक्शन संबंधी सभी जानकारी सीधे मतदाताओं तक पहुंच सकेंगी।
समय-समय पर हुए बदलाव

अमिट स्याही के निशान को लेकर समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। पहले नाखून और उंगली की त्वचा पर एक बिंदी जैसा निशान लगाया जाता था। हाल के वर्षों में नाखून और ऊंगली की पोर तक छोटी लाइन खींची जाती है। अब इसे ही और लंबा खींचा जाएगा।

यह होगा नया तरीका

आयोग द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि निशान लगाने को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसलिए इसमें एकरूपता लाने के उक्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। अब निशान लगाने के लिए ब्रश का इस्तेमाल होगा। फिलहाल ब्रश इस्तेमाल नहीं किया जाता। चुनाव अिधकारी द्वारा रूई लगी एक लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। कंट्रोल यूनिट के अिधकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह पहले देखे कि उंगली पर निशान ठीक से लगा है या नहीं। इसके बाद ही बैलेट यूनिट पर मतदान के लिए बटन दबाने की अनुमति दी जाएगी। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकने की संभावना है।

Monday, 27 April 2015

आईआईटी जेईई का परिणाम का परिणाम घोष्रित, जयपुर के प्रणय अग्रवाल 360 में से 341 नंबर पाकर टॉप पर

जयपुर। आईआईटी के जॉइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया है। इसमें जयपुर के प्रणय अग्रवाल 360 में से 341 नंबर पाकर सबसे टॉप पर रहे हैं।

सोमवार दोपहर दो बजे के बाद जब परिणाम घोषित किया गया तब कई इंस्टीट्यूट में टॉपर्स और सलेक्टेड स्टूडेंट्स के चेहरे खिल गए। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के संचालकों ने परिणाम घोषित होने से पहले ही संभावित टॉपर्स को बुलवा लिया था। कोचिंग संचालकों का कहना था कि उन्हें पहले ही अनुमान था कि कुछ स्टूडेंट्स जिन्होंने अच्छी प्रिपरेशन की है और जिनका एग्जाम भी अच्छा हुआ था उनके अच्छे मार्क्स पाने की संभावना है।

पहली बार में ही मारी बाजी 

एलेन कॅरियर इंस्टिट्यूट में आईआईटी में दाखिले के लिए प्रिपरेशन कर रहे प्रणय अग्रवाल, शेषांश अग्रवाल, दिव्यांश पारीक, निखिल तनवानी, मोहित मदान ने पहले अटेम्ट में ही अच्छे मार्क्स पाकर अपनी प्रतिभा को साबित कर दिया है। इसमें चार स्टूडेंट्स के 300 से ज्यादा मार्क्स हैं वहीं एक स्टूडेंट ने 298 अंक हासिल कर अपने एनआईटीज में सीट पक्की कर ली है। हालांकि इनमें से कई जेईई एडवांस की तैयारी में लगे हैं। इनकी मानें तो इन्हें आईआईटीज में दाखिला लेना है।

शिक्षा का भगवाकरण नहीं - ईरानी

नई दिल्ली। शिक्षा का भगवाकरण नहीं बल्कि संविधान के दायरे में ही बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को ये बात कही।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान आईसीएचआर जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं में हस्तक्षेप एवं कथित दलगत भावना से नियुक्तियां करने के कुछ सदस्यों के आरोपों को बेबुनियाद बताया।

ईरानी ने कहा कि किसी भी संस्थान में बेवजह तरीके से हस्तक्षेप नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं की नियुक्तियों में दलगत भावना से उपर उठकर ऐसे गणमान्य लोगों को जोडऩे का प्रयास किया है जो राष्ट्र निर्माण की भावना से निष्पक्षता से काम करना चाहते हैं। मंत्री ने कहा, जहां तक भगवाकरण के आरोपों का सवाल है मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि संविधान की मर्यादा के दायरे में बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने इसकी प्रतिबद्धता पहले ही प्रकट कर दी है।

शिक्षण संस्थाओं के विदेशी संस्थाओं से एमओयू के बारे में मंत्रालय को सूचना देने के बारे में कांग्रेस के शशि थरूर के आरोपों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस नीत संप्रग की सरकार थी तब आईआईटी एक्ट का उल्लंघन हुआ था। ईरानी ने बजटीय आवंटन में संशोधित राशि के उपयोग के संदर्भ में संप्रग की तुलना में भाजपा नीत राजग के रिकार्ड को बेहतर बताया।

Saturday, 25 April 2015

6.4 तीव्रता के भूकंप से हिले भारत, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश, नेपाल

नई दिल्ली। समेत भारत के कई शहरों में शनिवार सुबह एक के बाद एक भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। सबसे पहले 11.47 बजे भूकंप के झटके आए। दूसरी बार 12:19 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6 बताई जा रही है। भूकंप का केंद्र नेपाल में काठमांडू से 83 किमी दूर उत्त र-पश्चिम में था। वहां भूकंप की तीव्रता 7.7 बताई जा रही है। हालांकि, जानमाल के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं है। पाकिस्तान, बांग्लादेश में भी भूकंप के झटके महसूस होने की खबर मिली है। नेपाल के इतिहास का यह सबसे बड़ा भूकंप है। यहां फोन ठप हो चुके हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि पहली बार इतने लंबे समय तक भूकंप के झटके महससू किए गए। भारत में नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है, लेकिन काठमांडू में कुछ इमारतों के गिरने की खबर मिली है। मौसम विशेषज्ञ एसके शर्मा का कहना है कि बिहार, बंगाल के आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा असर रहा। आपदा प्रबंधन को इसकी सूचना दे दी गई है। खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं। इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है। इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं। इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। 9 और उससे ज्यादा पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

नेपाल में 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटके, सड़कों में पड़ी दरारें

काठमांडू। नेपाल के लामजुंग में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.5 दर्ज की गई। नेपाल के लोकनथाली और अरनीको हाइवे पर सड़क में दरार पड़ गई है। कई जगहों पर मकानों के ध्वस्त होने की सूचना है। भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से 83 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में था। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार, नेपाल में 10 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसे नेपाल का अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप बताया जा रहा है। दो लोगों के मारे जाने की खबर मिल रही है।
सुरक्षा कारणों से नेपाल की ओर जाने वाली फ्लाइट्स के रूट बदल दिए गए हैं।

राजस्थान सहित पूरा उत्तर भारत भूकंप के झटकों से थर्राया

नई दिल्ली। राजस्थान सहित पूरा उत्तर भारत शनिवार को भूकंप के तेज झटकों से थर्रा गया। दिल्ली एनसीआर, जयपुर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, झारखंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए।करीब 11.45 मिनट पर आए भूकंप के झटके दो मिनट तक महसूस किए गए। वहीं नेपाल के काठमांडू में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।  रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.5 बताई गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है। भूकंप से काठमांडू में कई इमारतों के गिरने की खबर है वहीं भारत में किसी जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

राजस्थान में  भूकंप के झटकों से लोग बाहर निकले

इधर के राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों मेंं भी भूकंप केे तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी जयपुर सहित अलवर,कोटा ,झुंझुनूं ,बूंदी,टोंक ,दौसा,भरतपुर आदि स्थानों पर पौने बारह बजे भूकंप के झटकों के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए। कई जिलों में दफ़्तरों और कारखानों में काम रहे लोग भूकंप के झटकों की वजह से बाहर निकल आए। भूकंप की उत्सुकता को लेकर कई लोग टीवी और मोबाइल से एक-दूसरे से जानकारी लेते रहे।

मौसम विभाग की चेतावनी, अभी और आएंगे झटके

वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने चेतावनी देतेे हुए कहा कि दिल्ली एनसीआर, राजस्थान हरियाणा, बिहार और कई अन्य राज्यों में भूकंप के झटके और आ सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल एहतियातन कुछ और समय के लिए घरोंं और दफ्तरों से बाहर रहें।

Friday, 24 April 2015

Perfect Reply

Essas quero distância

Posted by Acervo Arrocha.com.br on Wednesday, January 7, 2015

Thursday, 23 April 2015

भारतीय रेलवे ने बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग्स से 1.23 करोड़ रूपए कमाए

यह सुनकर आपको आश्चर्य होगा कि   बॉलीवुड की फिल्म दुनिया से भारतीय  रेलवे ने इस साल लगभग 1.23 करोड़ रूपए कमाए। बॉलीवुड और रेलवे सदेव एक दूसरे के साथी रहे  हैं। यह राशि रेलवे ने बॉलीवुड द्वारा शूटिंग के  लिए  किराये पर लिए  स्थानो से कमाई गई है।  भारतीय फिल्मों  में रेलवे का नाम  सुनते ही ही शाहरूख और काजोल की फिल्म दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे के सीन याद आ जाते हैं। बॉलीवुड की शूटिंग्स से  भारतीय रेलवे को काफी  मुनाफा होता है। रेलवे  जनसंपर्क अधिकारी नरेंद्र पाटिल ने बताया कि  वर्ष 2014-2015 के दौरान लगभग 1.23 करोड़ कमाए हैं। रेलवे के मुख्य अधिकारी ने बताया कि हाल ही रेलवे पर अरबाज खान की फिल्म डॉली की डोली, किक, बदलापुर जैसी फिल्में आई हैं। भविष्य  में  रेलवे को बॉलीवुड शूटिंग्स से  करीब 1.5 करोड़ कमाई की आशा है।