Sunday, 3 May 2015

जयपुर के जियोलॉजिस्ट की खोज, कभी भारत से सटा हुआ था अंटार्कटिका

जयपुर। जिस अंटार्कटिका पर बर्फ की चमकदार परत बिछी रहती है, जहां पानी में तैरती बर्फ और उसमें गोते लगाती सील को देखना बड़ा मनोरम होता है। वह अंटार्कटिका करोड़ों साल पहले भारत से सटा हुआ था। भौगोलिक उथल-पुथल के चलते करोड़ों वर्ष पूर्व में हजारों किमी की यात्रा करने भारतीय प्लेट वर्तमान स्थान पर आ गई गई थी। हिमालय की उत्पति का भी यही कारण है। यह जानकारी राजस्थान विश्वविद्यालय के जियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एमके पंडित ने Dainikbhaskar.com को दी।

हाल ही में अंटार्कटिका अभियान से से लौटे प्रो. पंडित ने इस अभियान से जुड़े कुछ रोमांचक अनुभव और अभियान पर जाने के उद्देश्यों को बताया। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की ओर से 34वें अभियान के प्रथम चरण का नेतृत्व प्रो. पंडित ने किया। इस अभियान में राजस्थान से जाने वाले ये एक मात्र साइंटिस्ट थे जिन्हें अब पोलर मैन के नाम से लोग जानने लगे हैं। गौरतलब है कि अंटार्कटिका में रिसर्च के लिए जाने वाले वैज्ञानिकों को पोलर मैन की भी संज्ञा दी जाती है।

ये है रिसर्च का विषय :

प्रो. पंडित ने बताया कि करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व अंटार्कटिका और भारत एक दूसरे से सटे हुए थे। फिलहाल इस अभियान के तहत इस पर रिसर्च की जा रही है कि भारत और अंटार्कटिका की प्लेटें जुड़ी कब थीं। इसके लिए दक्षिण भारत के चट्टानों से सैंपल इकट्ठा किया गया। जब उन्हें अंटार्कटिका के चट्टानों से मैच किया गया तो पता चला कि ये दोनों एक ही काल के हैं। फिलहाल अंटार्कटिका से लाए गए सैंपल पर रिसर्च हो रहा है।

खिसकती रहती हैं प्लेटें :

प्रो. पंडित ने बताया कि पृथ्वी का बाहरी आवरण 12 मुख्य प्लेटों से बना हुआ है। इसके भीतर हलचल की वजह से ये खिसकती रहती हैं। हाल ही नेपाल में आए भूकंप की वजह भी इन्हीं प्लेटों का खिसकना है। करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी में हलचल की वजह से अंटार्कटिका और भारत की प्लेट खिसक गई थीं।
Source @ DB

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