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Thursday, 25 June 2015

देवडा निवासी केंकू, चेनाराम व खाखूराम को 40 साल बाद मिला खातेदारी भूमि का अधिकार

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जैसलमेर / राज्य सरकार द्वारा राजस्व प्रकरणों के निस्तारण के लिए जिले में चल रहा राजस्व लोक अदालत अभियान एवं न्याय आपके द्वार शिविर कई ग्रामवासियों के लिए तो वरदान ही साबित हो रहे है। ग्राम पंचायत देवडा में 22 जून को आयोजित हुए राजस्व लोक अदालत शिविर में एक मामला ऐसा प्रकाश में आया कि देवडा निवासी सजनाराम के देहांत के बाद उसकी पैतृक भूमि 75 बीघा जो कि सजनाराम के सबसे बडे पुत्र गोपाराम के नाम 1981 में दर्ज हो गई थी।

देवडा में आयोजित लोक अदालत शिविर में पीठासीन अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी फतेहगढ जयसिंह के समक्ष स्वर्गीय सजनाराम की पत्नी केकूं, उसके पुत्र चेनाराम व खाखूराम ने एक प्रार्थना पत्र पेश कर निवेदन किया है कि उनके पिता के नाम ग्राम देवडा के खसरा नंबर 433/756 रकबा 75 बीघा भूमि खातेदारी में दर्ज थी लेकिन सजनाराम के देहांत के बाद पटवारी हल्का द्वारा नामांतकरण संख्या 124 दिनांक 08 अप्रैल 1981 को ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत कराके सजनाराम के बडे पुत्र गोपाराम के नाम से खातेदारी दर्ज कर दी एवं शेष तीनो वारिसान को इस खातेदारी भूमि में उनके अधिकारों से वंचित कर दिया।

उपखंड अधिकारी फतेहगढ जयसिंह ने शिविर में मौके पर ही आरटीआईएफ की धारा 75 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्राप्त करके प्रार्थना पत्र में वर्णित सभी तथ्यों की जांच मजमे-ए-आम में ग्रामीणों के समक्ष की गई एवं उनसे भी वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। साथ ही तहसीलदार फतेहगढ से इसकी जांच करवाई गई तो सभी ने बताया कि सजनाराम के दोनो पुत्रों व पत्नी खातेदारी भूमि के हक से वंचित रह गए है एवं उनका नाम खातेदारी भूमि मेें दर्ज करना सही है। इस संबंध में पीठासीन अधिकारी जयसिंह ने सजनाराम के बडे पुत्र गोपाराम से जवाब चाहा गया तो उसने भी बताया कि उसके पिताजी की खातेदारी भूमि में बालिग होने के कारण उसके ही नाम भूमि का नामांतकरण खोला गया। उसने यह भी बताया कि अब मेरे भाईयों एवं माता केकूं देवी के नाम भी खातेदारी भूमि में शामिल किए जाए।

उपखंड अधिकारी ने इस मामले में पूर्ण संवेदनशीलता दिखाते हुए पक्षकारान से जवाब प्राप्त कर मौके पर ही निर्णय पारित कर सजनाराम की पत्नी श्रीमती केकूं, पुत्र चैनाराम व खाखूराम के नाम खातेदारी खोलने के अधिकार पारित किए। इस प्रकार लगभग 19-19 बीघा भूमि श्रीमती केकूं, चैनाराम व खाखूराम के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गई। 40 साल बाद सरकार द्वारा चलाए जा रहे राजस्व लोक अदालत शिविरों में इन प्रार्थीगणों को जब उनके पति/पिता की भूमि का हक मिला तो वे खुशी से समा गए एवं इस प्रकार के त्वरित न्याय के प्रति ग्रामीणों ने भी पीठासीन अधिकारी की भूरी-भूरी प्रशंसा की। खातेदारी भूमि का हक मिलने से अब श्रीमती केकूं, चैनाराम व खाखूराम भी इस भूमि पर केसीसी का लाभ ले सकेंगे वहीं अपनी खेतीबाडी भी आसानी से कर सकेंगे। इस प्रकार के निर्णय से इन परिवार में भी खुशी की लहर छा गई जिन्हें लंबे समय से अपनी भूमि का इंतजार था। इंतजार की घडियां इस शिविर में 40 साल बाद समाप्त होने पर उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति तहे दिल से आभार जताया एवं कहा कि ऐसे लोक अदालत गरीबों के लिए वास्तव में वरदान साबित हो रहे है।
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Saturday, 20 June 2015

पटवारी भर्ती के लिए अब कंप्यूटर कोर्स जरूरी

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जैसलमेर ।  पटवारी भर्ती के लिए अब कंप्यूटर कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए आरकेसीएल कोर्स करना होगा। गौरतलब है कि पहले भर्ती परीक्षा में तो कंप्यूटर कोर्स करना अनिवार्य था ओर ही कंप्यूटर के प्रश्न पूछे जाते थे। अब राजस्व विभाग में ज्यादातर काम कंप्यूटर से होने के कारण विभाग ने पटवारी भर्ती परीक्षा में ही इसको अनिवार्य करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा था जिसको सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही अब अभ्यर्थियों को 12वीं पास के साथ-साथ कंप्यूटर कोर्स करना अनिवार्य होगा। सोशल साइट पर पटवार भर्ती परीक्षा की वेकेंसी आने के बाद कोचिंग संस्थानों ने तो तेयारियां कराने के लिए पंपलेट जारी करना शुरू कर दिया है। 

50 प्रश्न कंप्यूटर के पूछे जाएंगे 

परीक्षा पैटर्न सेलेबस में भी बदलाव करते हुए राजस्व विभाग ने परीक्षा में सामान्यज्ञान, हिंदी गणित के प्रश्नों के साथ-साथ कंप्यूटर के 50 प्रश्न पूछे जाएंगे। नई भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र 300 नंबर का होगा। इसमें सामान्य ज्ञान के 100, गणित के 100, कंप्यूटर हिंदी के 50-50 प्रश्न पूछे जाएंगे। कंप्यूटर से संबंधित प्रश्न बेसिक लेवल के होंगे। जानकारी के अनुसार पूर्व में हिंदी, गणित सामान्य ज्ञान के 100-100 प्रश्न पूछे जाते थे। 






Saturday, 13 June 2015

पुष्कर बनेगा टेम्पल टाउन, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की घोषणा

अजमेर  / मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि तीर्थ राज पुष्कर को तिरुपति की तर्ज पर टेम्पल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। अजमेर की आनासागर और फायसागर झील के सौंदर्यीकरण एवं जल संरक्षण के लिए एक अलग संस्था का गठन कर योजना बनाकर काम शुरू किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक धार्मिक स्थल को विकसित किया जाएगा।

शनिवार को बूढ़ा पुष्कर फीडर निर्माण शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पुष्कर का धार्मिक महत्व पूरे विश्व में हैं, यहां देश दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। अभी तो सिर्फ बूढ़ा पुष्कर फीडर का निर्माण शुरू कराया है, पुष्कर के विकास के लिए चार वर्ष का कार्यक्रम तैयार किया है।

तिरुपति की तर्ज पर पुष्कर को भी टेम्पल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। पुष्कर में 24 कोस की परिक्रमा मार्ग तैयार करने के लिए प्रशासन के साथ बैठकर प्लान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अजमेर को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। अजमेर की आनासागर और फॉयसागर झील के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए अलग से संस्था बनाकर योजना तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक ऐसा स्थान है जिससे वहां की जनता का दिल जुड़ा हुआ है। राजनीति परिवार की बात होती है, परिवार की मुखिया को उस जिले की धड़कन को पहचान कर उसके विकास और सौंदर्यीकरण का काम करना है। नागौर में तेजाजी मंदिर और मीरा बाई के मंदिर का काम शुरू कराया है। हनुमानगढ़ में गोगामेड़ी के विकास का काम शुरू किया है जहां पर तीन प्रदेशों के लोग आते हैं। आगामी समय में गोगामेड़ी को देखकर दूसरे प्रदेशों के लोग भी प्रशंसा करेंगे।

 नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर के साथ नाथद्वारा शहर में बगीचे, पहाड़ी को आकर्षित बनाया गया है। खोले के हनुमान जी मंदिर का विकास गत कार्यकाल में कराया था, इस बार सामोद मंदिर का काम शुरू कराया है। उन्होंने कहा कि जनता को भी विश्वास और श्रद्धा केसाथ धार्मिक स्थलों के विकास में सहयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर प्रदेश में पेयजल संकट का भी ध्यान दिलाता है। पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने नदियों को जोडऩे का काम शुरू कर दिया है। प्रदेश में जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप तो केन्द्र में जल संसाधन राज्यमंत्री सांवरलाल जाट इसकी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे काम जनता के सहयोग करने हैं, जनता इसे जन कार्यक्रम बनाकर काम हाथ में लेगी तो समस्या दूर होगी।

मुख्यमंत्री ने जनता से प्रदेश को स्वच्छ राजस्थान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल कभी पुष्कर में तो कभी अजमेर में दो तीन दिन झाडू लगाने से काम नहीं चलेगा। स्वच्छ राजस्थान कार्यक्रम से एक एक व्यक्ति को जुड़कर अपने घर परिवार, दफ्तर, दुकान, मौहल्ले और बाजारों को साफ रखना होगा। उन्होंने कहा कि इसमें सभी के जुडऩे से ही परेशानी का हल होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व अदालतों में लंबित मामलों की समस्या के समाधान के लिए न्याय आपके द्वार कार्यक्रम चलाया है। 25 दिनों में 5 लाख 25 हजार मामलों का निस्तारण हुआ है, अजमेर जिले में 45 हजार मामले निस्तारित हुए हैं।

15 जुलाई तक अदालतों में लंबित दो लाख मामले भी निस्तारित कराने का प्रयास किया जा रहा है। सभा को केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री सांवरलाल जाट, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी,महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, विधायक भागीरथ चौधरी, शंकर सिंह रावत, राजस्थान धरोहर संरक्षण प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत आदि ने भी सम्बोधित किया।
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Sunday, 24 May 2015

जुुगल बोहरा भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त

जैसलमेर । भारतीय जनता पार्टी के नगर मण्डल अध्यक्ष भगवान दास गोपा ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने प्रदेश मीडिया प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला संयोजको की घोषणा की जिसमें जैसलमेंर के लिये के जुगल बोहरा को जिला मीडिया संयोजक नियुक्त किया है।



                              

Friday, 22 May 2015

3 जून से शुरू होगी जयपुर मेट्रो, सफर के लिए ये हैं जरूरी एटिकेट्स

जयपुर ।  मानसरोवर से चांदपोल स्टेशन तक 60किमी. प्रतिघंटा की स्पीड से हमारी मेट्रो सिर्फ 18 मिनट में डेस्टीनेशन तक पहुंचा देगी। गर्मी और ट्रैफिक की मुश्किलों को दरकिनार करती हुई मेट्रो के एअरकंडीशंड स्मार्ट सफर का हम सभी को बेसब्री से इंतजार है।लेकिन इस सफर के लिए हमें भी स्मार्ट बनना होगा और मेट्रो एटिकेट्स अपनाने होंगे। आखिर हम वर्ल्ड क्लास सिटीजंस बनने की ओर पहला कदम उठा रहे हैं। जयपुर मेट्रो को शुरू करने से पहले जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से सभी 9 स्टेशनों पर सफर करने के दिशा-निर्देश के बोर्ड लग चुके हैं। मेट्रो के डायरेक्टर ऑपरेशंस एंड सिस्टम्स सीएस जींगर ने बताए मेट्रो एटिकेट्स जिन्हें हर स्टेशन पर जयपुराइट्स को सफर के दौरान फॉलो करना होगा।

Sorce @ DB

Sunday, 3 May 2015

बारहठ बंधुओं की जीवनी पढेंगे छात्र

बारहठ बंधुओं की जीवनी पढेंगे छात्र


- आनन्द एम. वासु -


जैसलमेर। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत के रूप में पहचाने जाने वाले वाले बारहठ बंधुओं की जीवनी के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। सरकार ने हाल ही इन महान ऋांतिकारियों की जीवनी एवं स्वतंत्रता आंदोलन में बारहठ बंधुओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका आदि को लेकर पाठ्यऋम में विशेष पाठ सम्मिलित किए हैं। बारहठ बंधुओं के शौर्य, वीरता इतिहास को आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में शामिल किया गया है। पाठ्य पुस्तक के अध्याय 21 में राष्ट्रीय आंदोलन में यह इतिहास पढाया जाएगा। बारहठ बंधुओं के साथ ही इस अध्याय में हेमू कालाणी एवं वीर विनायक दामोदर सावरकर के बारे में भी विवरण शामिल किया गया है।

बारहठ बंधुओं का इतिहास 

1903 में महाराणा फतह सिंह दिल्ली में लार्ड कर्जन के दरबार में जाने लगे तो देवखेडा (शाहपुरा) के तत्कालीन जागीरदार केसरी सिंह बारहठ ने महाराणा को 13 सोरठे *चेतावणी रा चुंगट्यां* भेजे। इस पर केसरी सिंह पर राजद्रोह, बगावत, ब्रिटिश फौज के विरुद्घ भडकाने के आरोप लगाया। आजादी की लडाई के दौरान केसरीसिंह बारहठ तत्कालीन राजपूताना में सशस्त्र ऋांति के प्रणेता भी थे। इनके छोटे भाई जोरावर सिंह बारहठ ने 13 दिसंबर 1912 को चांदनी चौक में लार्ड होर्डिंग पर बम फेंका। वहीं केसरी सिंह के बेटे प्रताप सिंह आजादी के आंदोलन में बरेली जेल में शहीद हुए। वर्ष 1857 की ऋांति के बाद देश की आजादी के आंदोलन में राजपूताना की तरफ से शहादत देने वाले ये पहले ऋांतिकारी थे।

— राज्य सरकार द्वारा इस सत्र से पाठ्यऋम में जोडे गए अध्याय की अतिरिक्त संपूरक विषय वस्तु पहुंच गई है। इसमें आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान में बारहठ बंधुओं के पाठ भी शामिल हैं। शोभारानी परिहार, प्रबंधक, राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल 

जयपुर के जियोलॉजिस्ट की खोज, कभी भारत से सटा हुआ था अंटार्कटिका

जयपुर। जिस अंटार्कटिका पर बर्फ की चमकदार परत बिछी रहती है, जहां पानी में तैरती बर्फ और उसमें गोते लगाती सील को देखना बड़ा मनोरम होता है। वह अंटार्कटिका करोड़ों साल पहले भारत से सटा हुआ था। भौगोलिक उथल-पुथल के चलते करोड़ों वर्ष पूर्व में हजारों किमी की यात्रा करने भारतीय प्लेट वर्तमान स्थान पर आ गई गई थी। हिमालय की उत्पति का भी यही कारण है। यह जानकारी राजस्थान विश्वविद्यालय के जियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एमके पंडित ने Dainikbhaskar.com को दी।

हाल ही में अंटार्कटिका अभियान से से लौटे प्रो. पंडित ने इस अभियान से जुड़े कुछ रोमांचक अनुभव और अभियान पर जाने के उद्देश्यों को बताया। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की ओर से 34वें अभियान के प्रथम चरण का नेतृत्व प्रो. पंडित ने किया। इस अभियान में राजस्थान से जाने वाले ये एक मात्र साइंटिस्ट थे जिन्हें अब पोलर मैन के नाम से लोग जानने लगे हैं। गौरतलब है कि अंटार्कटिका में रिसर्च के लिए जाने वाले वैज्ञानिकों को पोलर मैन की भी संज्ञा दी जाती है।

ये है रिसर्च का विषय :

प्रो. पंडित ने बताया कि करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व अंटार्कटिका और भारत एक दूसरे से सटे हुए थे। फिलहाल इस अभियान के तहत इस पर रिसर्च की जा रही है कि भारत और अंटार्कटिका की प्लेटें जुड़ी कब थीं। इसके लिए दक्षिण भारत के चट्टानों से सैंपल इकट्ठा किया गया। जब उन्हें अंटार्कटिका के चट्टानों से मैच किया गया तो पता चला कि ये दोनों एक ही काल के हैं। फिलहाल अंटार्कटिका से लाए गए सैंपल पर रिसर्च हो रहा है।

खिसकती रहती हैं प्लेटें :

प्रो. पंडित ने बताया कि पृथ्वी का बाहरी आवरण 12 मुख्य प्लेटों से बना हुआ है। इसके भीतर हलचल की वजह से ये खिसकती रहती हैं। हाल ही नेपाल में आए भूकंप की वजह भी इन्हीं प्लेटों का खिसकना है। करीब 50 करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी में हलचल की वजह से अंटार्कटिका और भारत की प्लेट खिसक गई थीं।
Source @ DB

लंबी रेखा खींची जाएगी वोटर की उंगली पर, ब्रश का होगा इस्तेमाल

अमिट स्याही को लेकर बदलाव



जैसलमेर ।  चुनाव के दौरान मतदाता की उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाने के संबंध में अब नया तरीका अपनाया जाएगा। वर्तमान में नाखून व ऊंगली की त्वचा तक एक छोटी रेखा खींची जाती है, लेकिन अब एक लंबी लाइन खींची जाएगी।

जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में निर्वाचन आयोग के अवर सचिव द्वारा हाल ही में एक पत्र जारी किया गया है। पहले की तरह अमिट स्याही का निशान बांए हाथ की तर्जनी पर ही लगाया जाएगा। नए तरीके में स्याही की एक पूरी लंबी रेखा तर्जनी के पूरे नाखून को कवर करती हुई ऊंगली के पहले जोड़ तक जाएगी।

आधार, मोबाइल नंबर जुड़ेंगे वोटर लिस्ट में
 
मतदाताओं के आधार व मोबाइल नंबर वोटर लिस्ट से जोडऩे के लिए अिभयान शुरू किया गया है। इसके लिए ऑनलाइन खुद ही उक्त जानकारी भर सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के बीएलओ तथाा चुनाव कार्यालय से जानकारी लेकर आधार नंबर जुड़वा सकते है। जिला चुनाव कार्यालय द्वारा आज से विशेष कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं । मोबाइल नंबर जुडऩे से इलेक्शन संबंधी सभी जानकारी सीधे मतदाताओं तक पहुंच सकेंगी।
समय-समय पर हुए बदलाव

अमिट स्याही के निशान को लेकर समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। पहले नाखून और उंगली की त्वचा पर एक बिंदी जैसा निशान लगाया जाता था। हाल के वर्षों में नाखून और ऊंगली की पोर तक छोटी लाइन खींची जाती है। अब इसे ही और लंबा खींचा जाएगा।

यह होगा नया तरीका

आयोग द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि निशान लगाने को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसलिए इसमें एकरूपता लाने के उक्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। अब निशान लगाने के लिए ब्रश का इस्तेमाल होगा। फिलहाल ब्रश इस्तेमाल नहीं किया जाता। चुनाव अिधकारी द्वारा रूई लगी एक लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। कंट्रोल यूनिट के अिधकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह पहले देखे कि उंगली पर निशान ठीक से लगा है या नहीं। इसके बाद ही बैलेट यूनिट पर मतदान के लिए बटन दबाने की अनुमति दी जाएगी। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकने की संभावना है।

Monday, 27 April 2015

शिक्षा विभाग की नीतियों के विरोध में उतरा आरएसएस से जुड़ा शिक्षक संगठन

जयपुर। शिक्षा विभाग की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने सोमवार से प्रदेशभर में आंदोलन की शुरुआत कर दी। पहले दिन सभी जिलों में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया गया। इस संगठन को आरएसएस का नजदीकी शिक्षक संगठन माना जाता है।

प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसे में इस संगठन के शिक्षा विभाग की नीतियों के विरोध में आंदोलन प्रारंभ करना शिक्षकों के बीच खासा चर्चा का विषय है। जयपुर में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया गया। इसमें जिले के बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग ने स्कूलों का समय बढ़ा दिया है जो प्रदेश की भौगोलिक स्थित के लिहाज से उचित नहीं है। साथ ही स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी है। ऐसे में विभाग को समय बढ़ोतरी का आदेश वापस लेना चाहिए। साथ ही शिक्षकों की वेतन विसंगत दूर करने की जरूरत है।
Sorce : DB

शिक्षा विभाग में हावी भ्रष्टाचार, 1300 प्रिंसिपल की पोस्टिंग सूचियों में गुपचुप संशोधन

जयपुर। शिक्षा विभाग के अधिकारी चहेते प्रिंसिपलों को मनचाहे स्थान पर पोस्टिंग देने के जुगाड़ में लगे हैं। इस कारण प्रिंसिपलों की पोस्टिंग की सूचियों में गुपचुप संशोधन का खेल चल रहा है। यही कारण है कि पिछले 13 दिन से पोस्टिंग के काम में लगे अधिकारी अब तक एक भी पोस्टिंग आदेश जारी नहीं कर पाए हैं।

प्रिंसिपलों की पोस्टिंग के लिए 15 अप्रैल से जयपुर में कैंप चल रहा है। इसमें बीकानेर निदेशालय के अधिकारी बैठे हैं। विभाग को व्याख्याता और हेडमास्टर से पदोन्नत हुए करीब 1300 प्रिंसिपलों की पोस्टिंग करनी है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि सूचियां तैयार होते ही उनमें संशोधन शुरू हो जाता है।

संशोधनों के जरिए चहेतों को मनचाहे स्थान पर लगाने की कवायद की जाती है लेकिन जो संशोधन आते हैं वे माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से प्रिंसिपलों की पोस्टिंग के लिए जारी निर्देशों से मेल नहीं खाते। ऐसे में सूचियां अटक जाती हैं। प्रदेश के 1300 प्रिंसिपल कई दिन से यह सूचियां जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
Source : DB

आईआईटी जेईई का परिणाम का परिणाम घोष्रित, जयपुर के प्रणय अग्रवाल 360 में से 341 नंबर पाकर टॉप पर

जयपुर। आईआईटी के जॉइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया है। इसमें जयपुर के प्रणय अग्रवाल 360 में से 341 नंबर पाकर सबसे टॉप पर रहे हैं।

सोमवार दोपहर दो बजे के बाद जब परिणाम घोषित किया गया तब कई इंस्टीट्यूट में टॉपर्स और सलेक्टेड स्टूडेंट्स के चेहरे खिल गए। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के संचालकों ने परिणाम घोषित होने से पहले ही संभावित टॉपर्स को बुलवा लिया था। कोचिंग संचालकों का कहना था कि उन्हें पहले ही अनुमान था कि कुछ स्टूडेंट्स जिन्होंने अच्छी प्रिपरेशन की है और जिनका एग्जाम भी अच्छा हुआ था उनके अच्छे मार्क्स पाने की संभावना है।

पहली बार में ही मारी बाजी 

एलेन कॅरियर इंस्टिट्यूट में आईआईटी में दाखिले के लिए प्रिपरेशन कर रहे प्रणय अग्रवाल, शेषांश अग्रवाल, दिव्यांश पारीक, निखिल तनवानी, मोहित मदान ने पहले अटेम्ट में ही अच्छे मार्क्स पाकर अपनी प्रतिभा को साबित कर दिया है। इसमें चार स्टूडेंट्स के 300 से ज्यादा मार्क्स हैं वहीं एक स्टूडेंट ने 298 अंक हासिल कर अपने एनआईटीज में सीट पक्की कर ली है। हालांकि इनमें से कई जेईई एडवांस की तैयारी में लगे हैं। इनकी मानें तो इन्हें आईआईटीज में दाखिला लेना है।

Wednesday, 22 April 2015

गजेंद्र की खुदकुशी से हिला पूरा देश, उधर घर में बज रही थी शहनाई

दौसा। जिले के बांदीकुई बिवाई के पास नांगलझापरवाड़ा गांव के किसान ने दिल्ली में जंतर-मंतर में चल रही आप पार्टी की किसान रैली में पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे दिल्ली के राममनोहरलोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पेड़ पर फंदा लगाते वक्त उसने हस्तलिखित एक पर्ची नीचे गिरा दी, जिसमें उसने फसल में खराबा होने से खुद को आहत होना बताया है। इधर सूचना के बाद घर में मृतक की भतीजी की शादी होने को लेकर प्रशासन व मीडियाकर्मियों को गांव के बाहर ही रोक दिया गया।

घर में शहनाई बज रही थी, महिलाएं मंगलगीत गा रही थी। बारात स्वागत की तैयारियों में सब लगे हुए थे। उन्हें शाम तक सूचना नहीं दी गई कि उनके घर का गजेन्द्रसिंह अब इस दुनिया में नहीं रहा। ग्रामीणों के अनुसार सूचना मिलने के तुरंत बाद मृतक के चाचा सरपंच गोपाल सिंह नांगल, छोटा भाई श्याम सिंह व अन्य परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों के अनुसार गजेन्द्रसिंह (42) करीबन आठ दस दिन से दिल्ली में ही था। उसके गांव में ही 9 बीघा कृषि भूमि है। इसमें इस बार ओलावृष्टि से करीबन 40 फीसदी फसल खराब हो गई थी। वह बेरोजगार भी था। उसके दो पुत्र व एक पुत्री है। तीन संतानें अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। 

बीस साल की सेवा बिना भी बैंककर्मी पेंशन का हकदार

राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के सेवानिवृत्त बैंककर्मी की याचिका मंजूर

जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के सेवानिवृत्त बैंककर्मी की याचिका मंजूर करते हुए पेंशन देने के आदेश दिए हैं।

याचिकाकर्ता मोहनराम भाटी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना 2000 के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। जिसे बैंक ने 31 मार्च 2001 को स्वीकार कर लिया, लेकिन याचिकाकर्ता को पेंशन नहीं दी। बैंक का कहना था कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम 2000 के तहत 40 वर्ष की आयु व 15 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त किया जाता है, लेकिन पेंशन के लिए एसबीबीजे पेंशन रेगुलेशन 1995 के नियम 29 के तहत 20 वर्ष की सेवा होना आवश्यक है।

जिस पर याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता जितेन्द्रसिंह भलेरिया के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई। न्यायाधीश अनुपेन्द्रसिंह ग्रेवाल ने उच्चतम न्यायालय द्वारा किरपाल सिंह के मामले में दिए गए निर्णय को आधार बनाते हुए निर्धारित किया कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम 2000 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर एसबीबीजे पेंशन रेगुलेशन का नियम 29 लागू नहीं होता है। लिहाजा, स्कीम के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारी भी पेंशन व अन्य लाभ का हकदार है।

Tuesday, 21 April 2015

2 मई तक संचालित होगी बिलासपुर स्पेशल ट्रेन

जोधपुर । अतिरिक्त यात्रीभार को देखते हुए बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि में विस्तार किया गया है। यह ट्रेन भगत की कोठी से 25 और 2 मई को भी संचालित होगी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 08243/08244, बिलासपुर-भगत की कोठी (जोधपुर)- बिलासपुर स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि में बिलासपुर से 21 व 28 अप्रेल को और भगत की कोठी से 25 अप्रेल व 2 मई को विस्तार किया गया है।

आईआईटी में लॉलीपॉप-डे


जोधपुर। आईआईटी, जोधपुर में निदेशक के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी रहा। कुछ दिनों से चल रहा सांकेतिक प्रदर्शन छोड़ आईआईट्यिंस ने सोमवार को प्रशासनिक भवन का घेराव किया और कैम्पस में लॉलीपॉप-डे मनाया। छात्र-छात्राएं सुबह 7.30 बजे आईआईटी कैम्पस में इकट्ठा होना शुरू हो गए। छात्र-छात्राएं निर्धारित धरना स्थल को छोड़ प्रशासनिक भवन पर आकर बैठ गए। करीब 10 बजे निदेशक प्रो. सीवीआर मूर्ति कैम्पस पहुंचे, तो प्रशासनिक भवन के गेट पर छात्र-छात्राएं बैठे मिले। उन्होंने ऑफिस जाने के लिए रास्ता मांगा, लेकिन विद्यार्थियों ने रास्ता नहीं दिया। छात्रों ने प्रो. मूर्ति से कहा कि निदेशक पद से इस्तीफा देने के बाद ही वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करेंगे। आखिर प्रो. मूर्ति को वापस लौटना पड़ा।

इसलिए खाया लॉलीपॉप

छात्रों का कहना है कि निदेशक के खोखले वादों से आईआईट्यिंस तंग आ चुके हैं। एेसे में छात्र वादों की लॉलीपॉप नहीं लेंगे। इसलिए कैम्पस में सभी छात्र-छात्राओं ने लॉलीपॉप खाकर अपना विरोध प्रदर्शन जताया। छात्रों का कहना है कि आईआईटी प्रशासन की ओर से उन्हें धमकाया और परेशान किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 26 अप्रेल को बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक है, जिसमें इस मसले पर चर्चा होनी है। लेकिन छात्रों ने पहले ही कह दिया है कि वे बोर्ड के सदस्यों से वार्ता नहीं करेंगे क्योंकि 27 अप्रेल से उनकी परीक्षाएं शुरू हो रही है। जानबूझकर परीक्षा से एक दिन पहले बोर्ड की बैठक तय की गई, जिससे छात्र अपनी बात पूरी तरह ठीक ढंग से नहीं रख पाएं।

Monday, 20 April 2015

राज्यपाल की ओर से पेश होगी दरगाह में चादर


जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह की ओर से अजमेर की ख्वाजा हजरत मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के 803वें उर्स पर मंगलवार को चादर पेश की जाएगी। सिंह ने दरगाह पर चढ़ाई जाने वाली चादर सोमवार शाम राजभवन के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. लोकेश चन्द्र शर्मा को सौंपी। राज्यपाल के परिसहाय मेजर मनन एवं डॉ. शर्मा मंगलवार को अजमेर दरगाह में प्रात: 9 बजे चादर पेश करेंगे। राज्यपाल के पौत्र संदीप कुमार सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

सलमान को होगी जेल या बाहर रहेंगे? फैसला आज

मुंबई । साल 2002 के हिट एंड रन मामले में अभिनेता सलमान खान की किस्मत का फैसला आज हो सकता है। मुंबई की एक ट्रायल कोर्ट तय करेगी कि सलमान को जेल भेजा जाए या राहत दी जाए। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरत ने बताया कि सोमवार को कोर्ट ने अंतिम सुनवाई पूरी कर फैसला एक दिन के लिए सुरक्षित रख लिया। अब मंगलवार को सब तय हो जाएगा। सोमवार को साक्ष्यों पर बचाव पक्ष के वकील श्रीकांत शिवडे की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में फैसले की तारीख मुकर्रर करने के लिए सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

जिरह के दौरान शिवडे ने अपने मुवक्किल सलमान खान के खिलाफ लगे आरोपों को बड़े ही सनीसनीखेज तरीके से खारिज करने की कोशिश की। उन्होंने दलील दी कि इस घटना में जिस व्यक्ति के मारे जाने की बात की जा रही है, वह उस वक्त मरा ही नहीं था बल्कि जब क्रेन वहां से गाड़ी को उठाने आया तो वह कुचलकर मर गया। वहीं विशेष सरकारी अभियोजक प्रदीप घरात ने कहा कि घटना के समय सलमान लाइसेंस के बिना और शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे। अभियोजक पक्ष ने इस मामले में 27 गवाहों से जिरह की, जिनमें से ज्यादातर ने सलमान की पहचान की।

यदि फैसला सलमान के खिलाफ आया तो उन्हें दो साल तक की जेल हो सकती है। सलमान पर 27-28 सितंबर 2008 की रात मुंबई में फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप है।

25 तक जॉइनिंग का एक और मौका दिया विभाग ने

जोधपुर ।  तृतीयसे द्वितीय श्रेणी में प्रमोशन पाने वाले 3 हजार 413 शिक्षकों के अब तक पदोन्नत स्थान पर जॉइनिंग नहीं करने से शिक्षा विभाग ने उन्हें एक और मौका दिया है। विभाग ने इन शिक्षकों को 25 अप्रैल तक पदस्थापन स्थान पर जॉइनिंग के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी अगर कोई जॉइन नहीं करता है तो 30 अप्रैल तक उनकी पदोन्नति निरस्त मानी जाएगी।

गौरतलब है कि ढाई माह पूर्व शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को द्वितीय श्रेणी में प्रमोशन देकर पदस्थापन दिया था। शिक्षा विभाग ने गणित, हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, उर्दू, गुजराती, पंजाबी वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक के पद पर प्रदेश में करीब 28 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति की थी और इन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से जॉइनिंग के आदेश दिए थे, लेकिन पंचायत चुनाव के कारण कई शिक्षकों ने जॉइनिंग नहीं दी। ऐसे में स्कूलों में इन विषयाध्यापकों के पद रिक्त बोल रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इसलिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने एक आदेश जारी कर प्रदेश के सभी नौ मंडलों में प्रमोशन पाने वाले ऐसे शिक्षक जिन्होंने अभी तक नए पदस्थापन स्थान पर अपनी जॉइनिंग नहीं दी है, उन्हें एक और मौका दे

Sunday, 19 April 2015

बाल विवाह रोकने को ग्राम पंचायतें आगे आएं : जस्टिस व्यास

जोधपुर। बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतें प्रस्ताव पारित कर निर्णय करें और संकल्प के साथ 18 वर्ष की बालिका व 21 वर्ष के बालक का ही विवाह सुनिश्चित किया जाए। यह बात राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व हाईकोर्ट विधिक सहायता समिति जोधपुर के अध्यक्ष जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास ने कही।

जस्टिस व्यास बाल विवाह की रोकथाम के लिए जालेली नायला गांव में देव रामेश्वर पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

राजस्थानी भाष्ाा में दिए संबोधन में जस्टिस व्यास ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानून व विधिसम्मत कार्रवाई व प्रावधान तो है ही, इसमें पंच-सरपंच एवं ग्रामवासी मिलकर गांव में ऎसा प्रस्ताव पारित कर दें ताकि बाल विवाह की रोकथाम में न तो कोई समस्या हो और न ही कानून के तहत दण्डनीय कार्रवाई हो।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसिंह मीणा ने बाल विवाह को कुप्रथा व सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता के साथ जन सहभागिता जरूरी है। राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर के उप सचिव दलपतसिंह ने विधिक जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता सहित ग्राम वासी उपस्थित थे। सरपंच सोहनलाल चौधरी ने आभार जताया व कार्यक्रम संचालन सुमेरसिंह राजपुरोहित ने किया।

संकल्प दिलाया

कार्यक्रम में जस्टिस व्यास ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्रामीणों को संकल्प दिलाया व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी पोस्टर का विमोचन किया।

803वें उर्स की धार्मिक रस्में आज सोमवार रात से शुरू


अजमेर। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 803वें उर्स की धार्मिक रस्में सोमवार रात से शुरू हो जाएंगी। उर्स की पहली तारीख मंगलवार को होगी और 26 अप्रेल को छठी के दिन कुल की रस्म अदा की जाएगा। बड़े कुल की रस्म के साथ 29 अप्रेल को उर्स का समापन होगा। इस्लामी माह रजब का चांद देखने के लिए रविवार शाम दरगाह कमेटी कार्यालय में हिलाल कमेटी की बैठक हुई।

इसमें रात 9 बजे तक इंतजार किया गया। इस दौरान कहीं से भी चांद दिखाई देने की सूचना नहीं मिली। सोमवार को चांद दिखना तय है और दरगाह में शाम शादियाने बजाए जाएंगे और बड़े पीर की पहाड़ी से पांच तोपों की सलामी देकर चांद की घोष्ाणा की जाएगी। रात 11 बजे महफिलखाने में उर्स की पहली महफिल होगी और रात 12.30 बजे मजार शरीफ पर गुस्ल दिया जाएगा।

आज फिर खुलेगा जन्नती दरवाजा

चांद रात होने के कारण जन्नती दरवाजा रविवार तड़के ही खोल दिया गया था। लेकिन चांद नजर नहीं आने पर यह दरवाजा रात में बंद कर दिया गया। जन्नती दरवाजा अब सोमवार तड़के 4.30 बजे फिर से खोला जाएगा जो 6 दिन यानी कुल की रस्म तक खुला रहेगा। रविवार को दिनभर इस दरवाजे से गुजर कर जियारत करने की होड़ मची रही।

उर्स की छुट्टी 24 को

ख्वाजा साहब के उर्स के मौके पर 24 अप्रेल को अवकाश रहेगा। उर्स में छठी के दिन अवकाश रखे जाने की परम्परा रही है। इस बार छठी 26 अप्रेल को होगी। इस दिन रविवार का पहले से ही अवकाश होने के कारण जिला कलक्टर आरूषि मलिक ने 24 अप्रेल को जुमे के दिन अवकाश घोçष्ात किया है। इससे सरकारी कर्मचारियों को तीन दिन 24, 25 व 26 अप्रेल को छुट्टी मिल सकेगी।