Sunday, 19 April 2015

803वें उर्स की धार्मिक रस्में आज सोमवार रात से शुरू


अजमेर। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 803वें उर्स की धार्मिक रस्में सोमवार रात से शुरू हो जाएंगी। उर्स की पहली तारीख मंगलवार को होगी और 26 अप्रेल को छठी के दिन कुल की रस्म अदा की जाएगा। बड़े कुल की रस्म के साथ 29 अप्रेल को उर्स का समापन होगा। इस्लामी माह रजब का चांद देखने के लिए रविवार शाम दरगाह कमेटी कार्यालय में हिलाल कमेटी की बैठक हुई।

इसमें रात 9 बजे तक इंतजार किया गया। इस दौरान कहीं से भी चांद दिखाई देने की सूचना नहीं मिली। सोमवार को चांद दिखना तय है और दरगाह में शाम शादियाने बजाए जाएंगे और बड़े पीर की पहाड़ी से पांच तोपों की सलामी देकर चांद की घोष्ाणा की जाएगी। रात 11 बजे महफिलखाने में उर्स की पहली महफिल होगी और रात 12.30 बजे मजार शरीफ पर गुस्ल दिया जाएगा।

आज फिर खुलेगा जन्नती दरवाजा

चांद रात होने के कारण जन्नती दरवाजा रविवार तड़के ही खोल दिया गया था। लेकिन चांद नजर नहीं आने पर यह दरवाजा रात में बंद कर दिया गया। जन्नती दरवाजा अब सोमवार तड़के 4.30 बजे फिर से खोला जाएगा जो 6 दिन यानी कुल की रस्म तक खुला रहेगा। रविवार को दिनभर इस दरवाजे से गुजर कर जियारत करने की होड़ मची रही।

उर्स की छुट्टी 24 को

ख्वाजा साहब के उर्स के मौके पर 24 अप्रेल को अवकाश रहेगा। उर्स में छठी के दिन अवकाश रखे जाने की परम्परा रही है। इस बार छठी 26 अप्रेल को होगी। इस दिन रविवार का पहले से ही अवकाश होने के कारण जिला कलक्टर आरूषि मलिक ने 24 अप्रेल को जुमे के दिन अवकाश घोçष्ात किया है। इससे सरकारी कर्मचारियों को तीन दिन 24, 25 व 26 अप्रेल को छुट्टी मिल सकेगी।

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