Thursday, 9 April 2015

राजस्थान संपर्क पोर्टल में अधिकारियों को भ्रमण, रात्रि चौपाल की सूचना पूर्व में अपलोड करनी होगी - जिला कलक्टर

अधिकारी प्रतिदिन संपर्क पोर्टल खोलकर उसमें दर्ज प्रकरणों का गंभीरता से करें निस्तारण


ग्राम पंचायतों के लिए लगाए गए एडोप्टर अप्रैल माह में ग्राम सभाओं का आयोजन करावें

जैसलमेर / आमजन की सुनवाई कर उनके त्वरित समाधान एवं निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को सुशासन उपलब्ध कराने की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए राजस्थान संपर्क पोर्टल में अधिकारियों को अप्रैल माह से उनके दौरे, निरीक्षण एवं रात्रि विश्राम का विवरण अपलोड कराया जाना अनिवार्य होगा। जिला कलक्टर एन.एल. मीना ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अब राजस्थान संपर्क पोर्टल में गंभीरता से सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पोर्टल में दर्ज प्रकरणों को प्रतिदिन खोलकर समय सीमा में उसके निस्तारण की कार्यवाहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसे गंभीरता से ले रही है इसलिए सभी अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से करें।


जिला कलक्टर मीना ने गुरूवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम एवं राजस्थान संपर्क पोर्टल की गतिविधियों एवं उसमें अब तक हुई प्रगति के लिए आयोजित जिलाधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलदेव सिंह उज्जवल, उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर डाॅ. जी.आर. वैष्णव, फतेहगढ जयसिंह,  पोकरण नरेन्द्रपालसिंह, उपायुक्त उपनिवेशन जैसलमेर गजेन्द्रसिंह चारण, नाचना अरूण कुमार शर्मा, पुलिस उपअधीक्षक नरेन्द्र कुमार दवे के साथ ही विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पिछले माह के सभी दौरे, निरीक्षण एवं रात्रि विश्राम की सूचना की प्रविष्टि संपर्क पोर्टल पर दर्ज करवानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे अभी से ही उनके दौरे, निरीक्षण एवं रात्रि विश्राम के संबंध में सूचना राजस्थान संपर्क पोर्टल में अनिवार्य रूप से दर्ज करा दें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा यह कार्यवाहीं नहीं की गई तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाहीं अमल में लाई जाएगी।


जिला कलक्टर मीना ने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल के संबंध में जो एडोप्टर ग्राम पंचायतों के लिए लगाए गए है उनको निर्देश दिए कि वे अप्रैल माह में उनसे संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम सभा का आयोजन करवाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कर लें एवं उस दौरान जो भी परिवादी प्रार्थना पत्र पेश करते है उनको भी संपर्क पोर्टल में दर्ज करवाकर आवश्‍यक कार्यवाहीं सुनिश्चित करावें। उन्होंने एडोप्टर को निर्देश दिए कि वे पोर्टल में दर्ज जिस परिवादी को राहत दी गई है उसको भी ग्राम सभा में बुलाकर उसका भौतिक सत्यापन करावें एवं उससे पावती रसीद भी प्राप्त करें। उन्होंने एडोप्टर को निर्देश दिए कि वे इस कार्य के लिए ग्राम सेवक पटवारी का भी पूरा सहयोग लें। उन्होंने ग्राम सभा के फोटो भी संपर्क पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।



जिला कलक्टर ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अब प्रतिदिन संपर्क पोर्टल को खोलकर देखेंगे एवं उनके विभाग से संबंधित किसी प्रकार की समस्या हो तो उसके संबंध में आवश्‍यक की गई कार्यवाहीं को भी इसमें अपलोड करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि उनके कार्यालय में जो भी परिवादी आता है एवं किसी समस्या से संबंधित प्रार्थना पत्र पेश करता है तो उसको प्राप्त करके राजस्थान संपर्क पोर्टल में अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी अधिकारी गलत जवाब प्रस्तुत नही करें क्योकि इसमें एडोप्टर द्वारा सत्यापन के दौरान सूचना गलत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाहीं भी अमल में लाई जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी सही जवाब पेश कर परिवादी को राहत पहुंचाने की कार्यवाहीं करें।

उन्होंने तीनो विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम सेवक को पाबंद कर दे कि वे अपने ग्राम पंचायत कार्यालय में एक रजिस्टर खोलकर उसमें किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई समस्या, शिकायत का इन्द्राज करेंगे एवं आवेदन पत्र प्राप्त करेंगे। ग्राम सेवक प्रत्येक शुक्रवार को उन सभी आवेदन पत्रों को विकास अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे एवं वे इनको राजस्थान संपर्क पोर्टल में अपलोड करने की कार्यवाहीं करेंगे। उन्होंने विकास अधिकारियों को कडे निर्देश दिए कि वे इस व्यवस्था को तत्काल ही ग्राम पंचायत स्थल पर इसको लागू करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।

जिला कलक्टर मीना ने जनसुनवाई के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल में विभागवार बकाया प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को कडे निर्देश दिए कि वे समय सीमा के अंदर इन प्रकरणों का निस्तारण कर दे एवं सही जवाब पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से आए दर्ज प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए।

इस जनसुनवाई के दौरान एसीपी हरिशंकर अग्रवाल एवं सहायक निदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी जयश्री ने पावर पाॅइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से राजस्थान संपर्क पोर्टल के संचालन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया। वहीं एडोप्टर को ग्राम सभा के दौरान कौन-कौन सी गतिविधियां की जाने वाली है उसके बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने जिलाधिकारियों को उनके दौरे, निरीक्षण एवं रात्रि विश्राम की सूचना किस प्रकार से अपलोड करनी है इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।












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