Thursday, 2 April 2015

राहुल-सोनिया की रैली से कन्नी काट रहे हैं राजस्थान के नेता

रैली के लिए न टारगेट और न ही तैयारी 


जयपुर / दिल्ली में कांग्रेस की 19 अप्रैल को होने वाली रैली के लिए राजस्थान के नेता कन्नी काट रहे हैं। न टारगेट तय कर पा रहे हैं और न ही तैयारी के लिए उत्साह जगा पा रहे हैं। रैली कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में होनी है।

केंद्र सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के लिए यह रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि पार्टी को फिर से जिंदा करने के लिए इस रैली में ज्यादा से ज्यादा लोग जुटें। ऐसे में पूरा फोकस दिल्ली के अलावा पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, यूपी जैसे सीमावर्ती राज्यों पर किया गया है। नेतृत्व को दिल्ली पर कोई भरोसा नहीं है, क्योंकि वहां कांग्रेस पिछले ही दिनों बुरी तरह हारी है। ऐसे में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब पर नजर टिकी है। हालांकि इनमें से तीन राज्यों में भी कांग्रेस का सफाया हो गया था, लेकिन उसके बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने खुद को फिर से जिंदा करने के लगातार प्रयास किए। राजस्थान में प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में खासा काम हुआ है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की गई है।

राहुल को क्यों नहीं पचा पा रहे जिलों के पदाधिकारी

भले ही केंद्रीय नेतृत्व की रैली में भीड़ जुटाने के लिए राजस्थान पर टिकी हों, लेकिन आसपास के कई जिलों के पदाधिकारी रैली के प्रति उत्साहित नहीं हैं। वे टारगेट को लेकर कन्नी काट रहे हैं। कारण साफ है कि अभी तक तय नहीं हो पाया है कि कौन कितने कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली जाएगा। या किस जिले से कितनी बसें जाएंगी। माना जा रहा है कि जब केवल सोनिया गांधी के नेतृत्व में रैली होने वाली थी तो ज्यादातर नेताओं में उत्साह था, लेकिन जैसे ही केंद्रीय नेतृत्व की ओर से घोषणा की गई कि राहुल गांधी के आने के बाद ही रैली होगी, तब से प्रदेश में जिला स्तर के नेता हतोत्साहित हो गए हैं। अंदरखाने बात सामने आ रही है कि जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं, वहां कांग्रेस की स्थिति और खराब हुई है। ऐसे में कांग्रेस नेता नहीं चाहते थे कि राहुल भी इस रैली का हिस्सा बनें।

No comments:

Post a Comment