नई दिल्ली / कांग्रेस ने मोदी सरकार से अमेरिका के साथ की गई न्यूक्लियर और क्लाइमेंट चेंज डील पर सफाई मांगनी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए क्या उसने देश के हितों से समझौता तो नहीं किया है।
क्या हुई है डील ?
भारत और अमेरिका की बीच साथ हुए समझौते के तहत भारत ने न्यूक्लियर लायबिलिटी के मुद्दे पर झुकते हुए 750 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी जोड़ दी है। पीएम मोदी और प्रेजिडेंट बराक ओबामा की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विदेश सचिव सुजाता सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तीन दौर की बातचीत के बाद न्यूक्लियर डील की सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। समझौते अनुसार किसी दुर्घटना की स्थिति में चार भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां 750 करोड़ देंगी, जबकि बाकी का खर्च भारत सरकार उठाएगी।
सिविल लायबिलिटी न्यूक्लियर डैमेज (सीएलएनडी) ऐक्ट 2010 के मुताबिक, किसी भी परमाणु दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित पक्षों को मुआवजा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये अलग रखने होते हैं। भारत ने इस मुद्दे पर नरम पड़ते हुए अपनी तरफ से 750 करोड़ रुपये की सरकारी गांरटी जोड़ दी है। इस तरह अब 750 करोड़ रुपये भारत सरकार देगी।
क्या हुई है डील ?
भारत और अमेरिका की बीच साथ हुए समझौते के तहत भारत ने न्यूक्लियर लायबिलिटी के मुद्दे पर झुकते हुए 750 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी जोड़ दी है। पीएम मोदी और प्रेजिडेंट बराक ओबामा की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विदेश सचिव सुजाता सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तीन दौर की बातचीत के बाद न्यूक्लियर डील की सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। समझौते अनुसार किसी दुर्घटना की स्थिति में चार भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां 750 करोड़ देंगी, जबकि बाकी का खर्च भारत सरकार उठाएगी।
सिविल लायबिलिटी न्यूक्लियर डैमेज (सीएलएनडी) ऐक्ट 2010 के मुताबिक, किसी भी परमाणु दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित पक्षों को मुआवजा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये अलग रखने होते हैं। भारत ने इस मुद्दे पर नरम पड़ते हुए अपनी तरफ से 750 करोड़ रुपये की सरकारी गांरटी जोड़ दी है। इस तरह अब 750 करोड़ रुपये भारत सरकार देगी।

No comments:
Post a Comment