Monday, 23 March 2015

बीमा पर सर्विस टैक्स

केंद्र सरकार ने लागू किए नए नियम, पीएलआई अब 50 लाख तक



जैसलमेर / डाक विभाग की पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) ओर रुरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (आरपीएलआई) योजनाओं पर केंद्र सरकार ने सर्विस टैक्स लागू कर दिया है। यह नियम अभी तक एलआईसी सहित निजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों पर ही लागू था।
डाकघर से अब पॉलिसी मेच्योर होने तक 1.54 प्रतिशत सर्विस टैक्स देना होगा। हालांकि पॉलिसी लेने के पहले साल 3.09 प्रतिशत सर्विस टैक्स देना पड़ेगा। इससे आमजन पर भार पड़ेगा। इसी के साथ पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की सीमा जो अभी तक 20 लाख थी, उसे बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया। देश में सर्विस टैक्स आने के बाद इंश्योरेंस रेगुलेटरी डवलपमेंट एक्ट के तहत लाइफ इंश्योरेंस पर लागू कर दिया गया। वर्ष 2005-06 में छह माह तक टैक्स लगाने के बाद पीएलआई-आरपीएलआई को टैक्स फ्री कर दिया गया। करीब आठ साल बाद इन पर फिर से टैक्स लागू कर दिया गया।

अन्य से सुविधाजनक 

अन्य इंश्योरेंस कंपनियों में पॉलिसी धारक की उम्र को लेकर प्रीमियम ओर बोनस कम-ज्यादा होता है, जबकि पीएलआई-आरपीएलआई में प्रीमियम बोनस हर समय समान होता है। इधर जानकारों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए बनी पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की सीमा अभी तक 20 लाख थी उसे बढ़ाकर 50 लाख कर दी। माना जा रहा है कि छठे वेतन आयोग के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ा इजाफा हुआ है ऐसे में पॉलिसी की सीमा भी बढ़ा दी गई।


यह है पीएलआई-आरपीएलआई 

पीएलआई पॉलिसी सरकारी कर्मचारियों के लिए है,जो 20 हजार से 50 लाख तक की होती है। प्रीमियम एक, तीन, छह माह एवं एक साल का तय किया जाता है। इसमें 1000 पर 60 रुपए वार्षिक बोनस बनता है। इसी तरह से ग्रामीण जनता के लिए आरपीएलआई की लिमिट 10 हजार से 3 लाख रुपए तक की है। इसमें 1000 पर 55 रुपए वार्षिक बोनस बनता है। पॉलिसी मेच्योर होने से पहले धारक की मृत्यु होने पर बोनस के साथ पूरी राशि दी जाती है।



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