Sunday, 22 March 2015

पर्सनल लॉ बोर्ड सूर्य नमस्कार के खिलाफ, सरकार का फैसला न मामने का ऐलान


जयपुर / मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के दो दिनों के 24वें अधिवेशन में मुसलमान बच्चों से सूर्य नमस्कार न करने को कहा गया है। बोर्ड के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार सूर्य नमस्कार करने को कहे तब भी ऐसा नहीं करना है। हालांकि, इस बारे में बोर्ड की ओर से औपचारिक एलान रविवार को किया जाएगा। बोर्ड के मेंबर जफरयाब जिलानी ने माना है कि मजहबी आजादी, स्कूलों में सूर्य नमस्कार, पर्सनल लॉ में संशोधन जैसे मुद्दे पर चर्चा हुई है।

शनिवार को यहां जामिया हिदायत में आयोजित ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के दो दिवसीय अधिवेशन के खुतबा सदारत (अध्यक्षीय भाषण) में बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अब मजहबी आजादी की हिफाजत की जरूरत महसूस होने लगी है। आजादी के बाद देश जिन हालात से गुजरा है, आज जिस जगह हम देख रहे हैं देश को खास विचारधारा की तरफ ले जाया जा रहा है। इस अधिवेशन में देशभर की मुस्लिम संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। पहले दिन मजहबी आजादी, तालीमी हुकूक (शिक्षा का अधिकार) कानून पर लोगों ने अपने विचार रखे।

नदवी ने कहा कि हमारा यह अधिवेशन देश की विशेष परिस्थितियों में आयोजित हो रहा है। इसमें इन हालात पर चिंतन किया जाएगा और देश के मुसलमानों के लिए उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। उन्होंने कहा कि देश के संविधान ने हमें अपने मजहबी सिद्धांतों के अनुसार आचरण करने की आजादी दी है, उसकी हिफाजत करने का काम बोर्ड ने अपने जिम्मे लिया है। बोर्ड की ओर से पिछली मीटिंग में पास हुए प्रस्तावों की रिपोर्ट पेश की गई।

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