जिले में दर्जनों शिकायतें, पुलिस की धीमी जांच की वजह से सरकार ने जारी किए आदेश
जैसलमेर / शिक्षा विभाग ने भी फर्जी दस्तावेजों से चुनाव लडऩे वाले जनप्रतिनिधियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। आरोपों के दायरे में फंसे जिले के सरपंचों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के प्रकरणों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। इस संबंध में निदेशक माध्यमिक ने आदेश जारी किए हैं। यह जांच 31 मई तक पूरी करनी होगी। पहले यह काम पुलिस विभाग के अधीन था, लेकिन जांच में धीमी गति के कारण राज्य सरकार ने अब यह काम शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार पंचायतीराज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता के बाद अनेक जनप्रतिनिधियों ने फर्जी दस्तावेज पेशकर चुनाव लड़ा था। राज्य सरकार ने पंचायतीराज चुनाव में सरपंचों के लिए आठवीं पास अनिवार्य कर दी थी। इसके चलते जनप्रतिनिधियों ने अपने स्तर पर जुगाड़ करते हुए सरकारी, निजी स्कूलों से फर्जी टीसी अंकतालिका प्राप्त कर पंचायतीराज का चुनाव जीत लिया। ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पुलिस थानों में मुकदमे भी दर्ज हो गए। शिक्षा विभाग की जांच में फर्जी दस्तावेज होने पर चुने जनप्रतिनिधियों का पद खटाई में पडऩे का खतरा है।कलेक्टर-एसपी से लेंगे परिवादों की कॉपी
जिला शिक्षा अधिकारी अब सरपंचों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की कॉपी कलेक्टर, एसपी से प्राप्त करेंगे। गौरतलब है कि जिले के कई नवनिर्वाचित सरपंचों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही कई परिवादों की जांच प्रशासनिक स्तर पर होनी है। स्कूलों में जांच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी के सहयोग में संबंधित थाना पुलिस को भी बुलाया जा सकेगा।
स्कूलों के खिलाफ भी होगी विभागीय कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि यथासंभव सभी दस्तावेज समय पर उपलब्ध करवाएं जिससे जांच के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े जिन स्कूलों ने फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करवाए हैं, आरोप सिद्ध होने पर उन स्कूलों के संस्था प्रधानों सहित इन मामलों में लिप्त शिक्षकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ये होंगे जांच के मुख्य बिंदु
जांच में सरपंचों ने जिन स्कूलों के दस्तावेज पेश किए हैं, उन स्कूलों का पूरा रिकॉर्ड जांचा जाएगा। जांच में स्कूल में प्रवेश लेते समय शाला नामांकन संख्या, एसआर नंबर, जन्मतिथि, स्कूल की सहशैक्षिक गतिविधियों में उसकी भूमिका स्कूल से अन्य स्कूल में प्रवेश के समय बताए गए सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। साथ ही कई जनप्रतिनिधियों ने दस्तावेज निजी स्कूलों से प्राप्त किए हैं, उनकी भी जांच करवाई जाएगी।
No comments:
Post a Comment