मतदाता परिचय पत्रों को आधार कार्ड पंजीयन से लिंक करने का काम शुरू
एक व्यक्ति के अलग-अलग जगहों की मतदाता सूची में शामिल होने की शिकायतों पर लगेगी रोक
जैसलमेर। फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने के लिए रविवार से मतदाता परिचय पत्रों को आधार कार्ड पंजीयन से लिंक करने का काम शुरू हो गया है। बीएलओ को कैंप लगाने व मुहिम चलाने की प्रक्रिया समझाई। अब ये बीएलओ घर-घर जाकर लोगों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर की जानकारी लेंगे। इसके बाद इसे वोटर कार्ड से लिंक किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने प्रशासन छात्रों और संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। बीएलओ वोटरों के पास जाकर उनके आधार पंजीयन व मोबाइल नंबर लेंगे ताकि उन्हें उनकी वोटर आईडी से लिंक किया जा सके। इस दौरान जिन वोटर कार्डों में गलतियां रह गई हैं। उनमें संशोधन के लिए जरूरी जानकारी जुटाई जाएगी। अगर वोटर दिए पते पर नहीं रहता तो उसका नाम वहां से हटाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से आधार कार्ड के दिए गए यूआईडी नंबर को वोटर कार्ड के साथ जोडऩे का काम जिला चुनाव अधिकारी एन.एल.मीना के आदेशों पर रविवार से शुरू किया गया। इसके तहत बीएलओ की टीम ने रविवार को अपने-अपने बूथों में इस काम के पहले दिन लोगों के वोटर कार्ड और आधार कार्ड के विवरण लेकर फार्म भरे। इसका मुख्य उद्देश्य वोटर कार्ड की जानकारी को संबंधित व्यक्ति के आधार कार्ड से मिलाना, वोटर कार्ड में हुई गलतियों को सुधारना, किसी भी वोटर की ओर से एक से ज्यादा जगह पर वोट बनाने का पता लगाना, इसे एक जगह पर रखने को निश्चित करना और वोटर कार्ड पर लगी फोटो का निरीक्षण करना है। अगर कोई भी वोटर एक से अधिक जगह वोट का इस्तेमाल करता है तो आरपी एक्ट 1950 के तहत यह कानूनी अपराध है।
बैलेट पेपर पर होगा प्रत्याशी का फोटो
निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनावों में असाक्षर मतदाताओं की सुविधा के लिए एक नया कदम उठाएगी। इसके लिए ईवीएम में लगाए जाने वाले बैलेट पेपर में उम्मीदवारों की फोटो भी लगाए जाएंगे। ताकि प्रत्याशी को पहचान कर वह सही वोट दे सकें।
No comments:
Post a Comment