जमानत मिलने के बाद नकवी ने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। हम आदेश का अध्ययन करेंगे और उचित कानूनी कदम उठाएंगे।’’ न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने नकवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 341 और 342 का दोषी ठहराने के साथ ही आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 144 का दोषी ठहराया।
यह मामला 2009 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान से जुडा है। उत्तर प्रदेश में रामपुर संसदीय कार्य क्षेत्र के पटवाई इलाके में नकवी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व किया था और इस दौरान उन्होंने वहां लागू निषेधाज्ञा आदेशों का कथित रुप से उल्लंघन किया और थाने में घुस गए।
भाजपा कार्यकर्ता रामपुर भाजपा इकाई के अध्यक्ष की गिरफ्तारी और पार्टी के एक वाहन को जब्त किए जाने का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने नकवी सहित 200 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
यह है मामला
मुख्तार अब्बास नकवी पर लोकसभा चुनाव के दौरान 2009 में रामपुर के जिला अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद धारा 144 का उल्लंघन करते हुए विरोध प्रदर्शन करने का आरोप है। पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगायी थी जिसे तोड़कर यह विरोध प्रदर्शन किया था । इस मामले में 100 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था जिसमें 20 लोग नामजद थे। इसमें मुख्तार अब्बास नकवी का नाम भी शामिल था। कोर्ट ने इसी मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें एक साल की सजा सुनायी और दो हजार रूपये का जुर्माना लगाया ।
नकवी का कहना
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मैं कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं। हालांकि मुझे इस मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। मैं विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं था। मुझे सजा सुनायी गयी है और मेरे वकीलों ने जमानत की अर्जी दायर की है जिस पर सुनवायी करते हुए कोर्ट ने मुझे जमानत दी है।
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