Saturday, 3 January 2015

जिले में (जैसलमेर नगरपरिषद/नगरपालिका पोकरण क्षेत्र को छोडते हुए) निषेधाज्ञा लागू


पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2015

 

जिले में (जैसलमेर नगरपरिषद/नगरपालिका पोकरण क्षेत्र को छोडते हुए) निषेधाज्ञा लागू

 


Diffusé par Adcashजैसलमेर / जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2015 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष तथा तठस्थ रूप से करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट एन.एल. मीना ने पंचायतीराज संस्थाओ के चुनाव में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक आदेश जारी कर जिले में (जैसलमेर नगरपरिषद/नगरपालिका पोकरण क्षेत्र को छोडते हुए) निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट एन.एल. मीना द्वारा जारी आदेश के अनुसार पंचायतीराज संस्थाओ के आम चुनाव-2015 के दौरान चुनाव सभाओं, चुनाव के दिन तथा मतगणना के समय एवं मतगणना के पश्चात् चुनाव संबंधी परिणामों के कारण स्थानीय विवाद तथा तनाव उत्पन्न की आशंका के मध्यनजर जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।

Diffusé par Adcashआदेश के अनुसार इस दौरान जैसलमेर जिले के (जैसलमेर नगरपरिषद/नगरपालिका पोकरण क्षेत्र को छोडते हुए) संपूर्ण क्षेत्र में निम्न प्रकार से प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति जिले में इस अवधि में किसी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, बंदूक, एम.एल. गन आदि तथा अन्य हथियार जैसे गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छूरी, बरछी, गुप्ती, खूखरी, बल्लभ, कटार, धारिया, बघनख जो किसी धातू से शस्त्र के रूप में बना हो आदि एवं मोटे घातक हथियार लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर लेकर नही घूम सकेगा व न ही इसका प्रदर्षन कर सकेगा। परन्तु वे व्यक्ति जो निषक्त एवं अति वृद्ध है और लाठी के सहारे के बिना नही चल सकते है वे लाठी का प्रयोग सहारा लेने के लिए कर सकेंगे। ये आदेष सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सषस्त्र पुलिस, सिविल पुलिस, होमगार्ड एवं उन राज्य एवं केन्द्रीय कर्मचारियों पर जो कानून एवं व्यवस्था के संबंध में अपने पास हथियार रखने के लिए अधिकृत किए गए है पर लागू नही होगा। जिले की सीमा के बाहर का कोई भी व्यक्ति उपरोक्त किस्म के हथियार जैसलमेर की सीमा में अपने साथ नही लाएगा एवं न ही सार्वजनिक स्थानो पर प्रयोग व प्रदर्षन करेगा।

सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा अनुसार नियमानुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी। आदेष के अनुसार कोई भी व्यक्ति कानून एवं लोक शांति भंग करने से संबंधित, साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे नहीं लगाएगा, न हीं भाषण, उद्बोधन देगा न हीं जूलूस, प्रदर्षन, धरना, महापडाव व पुतला जलाएगा न ही ऐसे पैंपलेट, पोस्टर, चुनाव सामग्री छपवाएगा, छापेगा या वितरण करेगा।

Diffusé par Adcashआदेष के अनुसार इस दौरान जिले के क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति/संस्था/पार्टी सक्षम अधिकारी (उपखण्ड मजिस्टेªट/कार्यपालक मजिस्टेªट) की लिखित पूर्व अनुमति के बिना जूलूस, सभा, रैली एवं सार्वजनिक मीटिंग का आयोजन नही कर सकेगा परन्तु यह प्रतिबंध विवाह समारोह, शव यात्रा पर लागू नही होगा। इसके साथ ही इस प्रकार की प्रत्येक सभा, जुलूस एवं सार्वजनिक मीटिंग की अनुमति आदर्ष आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग के निर्देषो की पालना के अंतर्गत होगी। जिसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति देने वाले अधिकारी द्वारा किया जाएगा एवं सक्षम मजिस्टेªट एवं पुलिस अधिकारी उसकी पालना सुनिष्चित कराएंगे। 
   
मतदान दिवस के दिन मतदान केन्द्र से मतगणना दिवस पर मतगणना केन्द्र से 200 मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के मोबाईल, सेलफोन, वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा और न हीं लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रों पर ले जाने एवं वहां से वापस लाने पर पूर्णतया रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति संबंधित मजिस्टेªट उपखंड की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं करेगा चाहे ऐसा ध्वनि विस्तारक यंत्र स्थिर हो अथवा सचल वाहन पर स्थापित किया गया हो रात्रि 10 बजेे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।

इस दौरान कोई भी अभ्यर्थी, राजनैतिक दल मतदान दिवस को मतदान केन्द्र से एवं मतगणना दिवस पर मतगणना केन्द्र से 200 मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के टेंट, अस्थाई कार्यालय स्थापित नहीं करेगा। चुनाव के दौरान मंदिरों, मस्जिदों, गुरूद्धारों या पूजा के अन्य स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा।

कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा सेवन नहीं करेगा न ही अन्य व्यक्ति को करवाएगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा किसी अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा। यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा 10 फरवरी 2015 की रात्रि 12 बजें तक प्रभावी रहेंगे। इस आदेष की अवहेलना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा।

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