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गहलोत ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा कि हाल ही में जोधपुर के गोयल अस्पताल में वायरस संक्रमण से नसिट्वग कर्मियों की मौत के कारणों की जांच रिपोर्ट में पता चला है कि कांगो बुखार की चपेट में आने से उनकी मौत हुई।
दोनों नसिट्वगकर्मियों के खून के नमूनों के आधार पर पुणे से आई रिपोर्ट में कांगो हेमेरेजिक फीवर (सीसीएचएफ) दोनों मौतों का कारण रही। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की चपेट में आने वाले व्यकितयों की मौत की आशंका बहुत ज्यादा रहती है।
गहलोत ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। राज्य सरकार को समय रहते त्वरित उपाय करने चाहिए और अस्पतालों के पास के क्षेत्रों में ऎसे मरीजों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग करने के साथ ही उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

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