सम के लहरदार रेतीलों धोरों पर उमडा पर्यटन का ज्वार

माघ पूर्णिमा के चाॅंद तले बही लोक सांस्कृतिक धाराएं
सांस्कृतिक संध्या में ख्यातनाम लोक कलाकारों द्वारा राजस्थानी सस्कृति से ओत प्रोत प्रस्तुत किये गये भव्य एवं आकर्षक लोक गीतों एवं लोक नृत्यों ने दर्शको को मोहित सा कर दिया। सम के लहरदार रेतीले हजारों दर्शको आवागमन से रंग बिरंगा सा दिखाई देने लगा। सांस्कृतिक संध्या में जोधपुर के प्रसिद्ध कालबेलिया राजस्थान जीपीसी कारवा के सुवा देवी कालबेलियाएण्ड पार्टी के संगीत निर्देशन में कालबेलिया नृत्यागंनाओं द्वारा बीन की धून, डफली की ताल एवं ढोलक की थाप पर नागिन की तरह बलखाती हुई शानदार नृत्य प्रस्तुत कर दर्शको की वाह वाही लुटी। इस अवसर पर बाडमेर के अन्तर्राष्ट्रीय कलाकार स्वरूप पंवार एण्ड पार्टी ने ‘जंवाई जी पावणा’ के हास्यप्रद कला को प्रस्तुत कर सभी दर्शको को हंसी से खिलखिला दिया। मूलसागर के ख्यातनाम कलाकार तगाराम भील ने अलगोजा वादन पर राजस्थानी गीतों की धुनें पेश कर पूरे कार्यक्रम को संगीतमय बना दिया।
माघ पूर्णिमा के उफनते चाँद तले इस सांझ में अलवर के अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोक कलाकार बन्नेसिंह एण्ड पार्टी ने रिंग भवाई नृत्य की प्रस्तुत बहुत रौचक पेश की जिसे दर्शकों ने इसकी दाद दी। बन्ने सिंह ने तीखी नंगी तलवारों, कीलों पर खडे होकर शारीरिक संतुलन बनाते हुए अपने हाथ, होठ, पेट, सिर पर साईकिल की रिंग को बहुत तेज गति से घुमाकर दर्शको को आश्चर्यचकित सा कर दिया। अलवर के ही ख्यातनाम कलाकार सुशीला एण्ड पार्टी की खारी डांस की प्रस्तुती भी बहुत ही अच्छी रही। सांझ में भरतपुर के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोक कलाकार अशोक एण्ड पार्टी द्वारा राधा कृष्ण द्वारा होली के पर्व पर खेली जाने वाली फूलों की होली का संजीव प्रदर्शन कर पूरे माहौल को फाल्गुनी रस से सरोबार सा कर दिया। कार्यक्रम में जानरा के ख्यातनाम कलाकार थाने खां एण्ड पार्टी ने राजस्थानी गीत ‘ नीम्बूडा ’ गीत की शानदार प्रस्तुति कर सभी को राजस्थानी संस्कृति से रूबरू करवाया। वहीं उसने खडताल एवं ढोलक के साथ जुगलबंदी पेष कर कार्य को और अधिक रोचक बनाया।
आतिशबाजी के नजारों ने दर्शकों की आंखों को आकाश की तरफ खींच लिया
सम के लहर रेतीले धोरो पर सांस्कृतिक संध्या के समापन पर शानदार रंग बिरंगी आतिशबाजी की गई जिससे पूरा आसमान टीम टीमाती रोशनी से झिल मिला। कार्यक्रम का संचालन जफरखां सिंधी ने किया वही अंग्रेजी में कमेन्ट्री गुलनाजखां ने की। कार्यक्रम के अन्त में सहायक निदेशक पर्यटन विभाग विकास पंडया ने मरू महोत्सव में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वालों के प्रति आभार जताया। पूरे सांस्कृतिक कार्यक्रम को हजारों दर्शको ने उत्साह से देखा एवं कार्यक्रमो को अपने केमरों में कैद किया।
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