शहर के चैनपुरा निवासी राकेश पुरोहित ने अवैध रूप से लगे टावर को हटवाने के लिए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। जनाभाव अभियोग की मिटिंग में जिला कलक्टर ने आबादी क्षेत्र से मोबाइल टावर हटाने हेतु कई बार निर्देश व आदेश दिए, बावजूद इसके मोबाइल टावर नहीं हटाए गए।
सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश दिए हुए हैं कि आबादी क्षेत्र में मोबाइल टावर नहीं लगाए जाए, जो लगे हुए हैं उनको हटाने की कार्यवाही करें। मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडियेशन से मानव शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। परंतु जिला प्रशासन व नगर परिषद अभी भी कोर्ट के आदेश को गंभीरता से नहीं ले रही है। संबंधित कंपनियों को नोटिस भी नहीं दिये गये हैं। इससे अलावा जिले में ऐसे टावरों की फेहरिस्त भी काफी लंबी है जो बगैर लाइसेंस लिए ही चल रहे हैं। ये गगनचुम्बी टॉवर शहर के सेहत के साथ शहर के सौन्दर्यकरण को भी बिगाड़ रहे हैं । प्रशासन की ढिलाई से कंपनियों के हौसलें बुलन्द हैं ।

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