भाजपा के घोषणा पत्र अनुसार राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मध्यम वर्ग आयोग गठित करने की कवायद शुरू
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भाजपा ने इस बार सरकार में आने से पहले अपने घोषणा पत्र में गरीबी रेखा से ऊपर लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मध्यम वर्ग आयोग गठित करने की घोषणा की थी। अब सरकार ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। यह आयोग सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के अधीन गठित किया जाएगा। इस विभाग के मंत्री अरण चतुर्वेदी ने बताया कि यह आयोग जाति आधारित नहीं होगा, बल्कि राजस्थान में रहने वाले हर जाति के ऐसे लोग जो केंद्र या राज्य की बीपीएल सूची में नहीं हैं, लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें इस आयोग द्वारा चिन्हित किया जाएगा।
यह आयोग मध्यम वर्ग को परिभाषित करेगा। इस वर्ग में आने वाले लोगों के पिछडे़पन को दूर करने के लिए दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में सिफारिश करेगा। चतुर्वेदी ने बताया कि आयोग के स्वरूप को तय किया जा रहा है। इसका अध्यक्ष व आयोग के कार्यकाल तथा प्रक्रियाओं आदि को भी तय किया जा रहा है। जल्द ही आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमने घोषणा पत्र में इसकी बात कही थी, क्योंकि ऐसा बहुत बड़ा वर्ग है जो बीपीएल सूची में नहीं है, लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़ा है।
जानकारों का मानना है कि इस आयोग के गठन का सबसे बड़ा फायदा सामान्य वर्ग के लोगों को होगा, क्योंकि प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग पहले ही गठित हैं और इन जातियों में आने वाले लोगों को इन वर्गों के लिए निर्धारित सुविधाएं मिल जाती हैं।

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