Saturday, 7 March 2015

ऐंटि-इंडिया कैंपेन के आरोपी, हुर्रियत के अलगाववादी नेता मसरत आलम को मुफ्ती सरकार में मिली आजादी

चार साल से जेल में बंद मसरत को रिहाई पर सहयोगी बीजेपी का विरोध दरकिनार


जम्मू / जम्मू-कश्मीर की मुफ्ती सरकार ने सहयोगी बीजेपी के विरोध को दरकिनार कर चार साल से जेल में बंद हुर्रियत के अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा  कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 10 लाख के इनामी मसरत को 2010 में श्रीनगर के बाहरी इलाके से गिरफ्तार किया था। मसरत पर 2010 में ऐंटि-इंडिया कैंपेन चलाने का आरोप है।

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बुधवार को पुलिस प्रमुख के साथ हुई बैठक में राज्य के वैसे सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा था जिन पर कोई भी आपराधिक आरोप दर्ज नहीं है। इस कड़ी में शनिवार को मसरत को रिहा कर दिया गया।

माना जा रहा है कि आने वाली दिनों में जेल में बंद दूसरे अलगाववादी नेताओं को भी रिहा करने का आदेश दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने शपथ लेने के बाद ही अलगाववादियों को राहत देने की वकालत की थी। उन्होंने इसके लिए अध्यादेश लाने तक की बात कही थी।

उधर, अलगाववादियों की रिहाई के फैसले पर जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी के बीच ठनती दिख रही है। बीजेपी ने इस पर अपना विरोध जताया था, जिसे मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने नजरअंदाज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक मुफ्ती के इस फैसले से बीजेपी में जबर्दस्त नाराजगी है, हालांकि पार्टी ने अभी तक इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है। 1. 2. 3. 8. 9. 1. 2. 3. 8. 9. 10.

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