Sunday, 19 April 2015

राहुल ने कहा, किसानों के लिए मोदी सरकार से निर्णायक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस

महीने के आखिरी में सोनिया का वादा पूरा करने राहुल जाएंगे अमेठी


नई दिल्ली। करीब दो महीने तक अनुपस्थित रहने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज स्पष्ट किया कि वह भूमि अधिग्रहण विधेयक का पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे और सरकार को इसे वापस लेने की मांग पर झुकने को मजबूर करेंगे।

कल की किसान रैली से पहले अपने आवास पर विभिन्न राज्यों के किसानों एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ राहुल ने दो संवाद सत्र में चर्चा की। पार्टी नेताओं के अनुसार, कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि वह और उनकी पार्टी राजग के भूमि अधिग्रहण विधेयक समेत किसानों के मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
किसान नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार द्वारा लाये गए नये भूमि कानून पर उनका विचार पूछा। साथ ही यह भी पूछा कि बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के कारण फसलों को कितना नुकसान हुआ और सरकार उनके उत्पादों को किस कीमत पर खरीद रही है।

करीब 50 मिनट के चर्चा सत्र में हिस्सा लेने वाले कुछ किसानों ने कहा कि जो लोग जमीनी मुद्दों को नहीं समझते और जिन्हें कृषि की जानकारी नहीं है, वे नीतियां बनाने में लगे हैं चाहे भाजपा नीत सरकार हो या पूर्व की कांग्रेस नीत सरकार हो।
पार्टी में सूत्रों ने बताया कि कल किसान रैली में राहुल ने इस मुद्दे पर विस्तार से बोलने का निर्णय किया है। वह लोकसभा में भी बोल सकते हैं। संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा सोमवार से शुरू हो रहा है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल ने किसानों से कहा कि वह उनकी समस्याओं के बारे में निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को एक दिन, एक महीने या एक वर्ष में समाप्त नहीं होने देगी। वह सरकार को किसानों के समक्ष झुकने पर मजबूर कर देंगे और वह इस लड़ाई को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचायेंगे।
कांग्रेस के लिए अहम है कल की रैली
कांग्रेस की 19 अप्रैल को होने वाली रैली एक प्रकार से राहुल की वापसी की घोषणा और पार्टी द्वारा अपनी शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। इसे कामयाब बनाने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रामलीला मैदान में रैली को लेकर जबदस्त तैयारियां चल रही हैं।

कांग्रेस को चलो दिल्ली चलो के अपने नारे के साथ देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में लोगों के रैली में पहुंचने की उम्मीद है। कांग्रेस एफएम रेडियो चैनलों पर इसका प्रचार भी कर रही है। उल्लेखनीय है कि 17 डिब्बों वाली किसान एक्सप्रेस  किसानों को लेकर जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना होगी और बीच में यह छह स्टेशनों पर रुकते हुए रैली वाले दिन दिल्ली पहुंचेगी।

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