मुख्यमंत्री आदर्श पंचायत योजना में 30 मार्च तक जिला परिषद को क्षेत्र की एक पंचायत का नाम बताना था
जैसलमेर / सांसद आदर्श ग्राम की तर्ज पर आदर्श पंचायत योजना के प्रति जिले के किसी विधायक में रुचि नहीं है । 30 मार्च तक विधायक को अपनी पंचायत प्रस्तावित करनी थी। इस पंचायत में वित्त वर्ष 2015-16 में विशेष मॉनिटरिंग करके विकास कार्य होने हैं। योजना के अनुसार हर साल एक पंचायत को आदर्श बनाने के लिए विधायक को अपने क्षेत्र की पंचायत का नाम प्रस्तावित करना होगा।मुख्यमंत्री आदर्श पंचायत योजना के तहत जिला परिषद ने जिले के दोनों विधायकों से पसंदीदा पंचायतों के नाम तीस मार्च तक मांगे थे। तय समय सीमा तक किसी विधायक ने नाम नहीं बताया। योजना में प्रस्तावित पंचायतों की मॉनिटरिंग का जिम्मा कलेक्टर को दिया गया है। प्रस्तावित पंचायत का बेसलाइन सर्वे करके रिपोर्ट अगले महीने सरकार को सौंपनी है। बेसलाइन सर्वे में संबंधित पंचायत के प्रत्येक परिवार को शामिल कर विकास की आवश्यकताओं को जाना जाएगा। सर्वे में उन्हीं बिंदुओं को शामिल किया जाएगा जो सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए हैं। गांव में लिंगानुपात, साक्षरता स्तर, सामाजिक बुराइयों से जुड़े परिवार, बिजली, पानी, शिक्षा सहित सरकारी सुविधाओं का डाटा तैयार कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
चयनित पंचायत में बिजली-पानी के साथ शिक्षा, चिकित्सा, सडक़, खेल की आदर्श सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के लिए रैलियां निकाली जाएंगी। सरकारी कर्मचारी आदर्श ग्राम के लिए वातावरण बनाएंगे। लोगों को सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। मॉनिटरिंग के लिए आरएएस स्तर के अधिकारी को लगाया जा सकता है। चयनित गांव की कार्ययोजना बनाकर सर्वांगीण विकास किया जाएगा। इसके लिए पीडब्लूडी, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, वन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्व, पंचायतीराज ग्रामीण विकास आदि विभागों को मिलकर काम करना होगा। गांव के हर घर को इंटरनेट, बिजली, पानी के कनेक्शन के साथ सडक़, चिकित्सा आदि सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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