Friday, 17 April 2015

अब स्कूलों में बताएंगे शादी की उम्र

बाल विवाह रोकथाम के लिए शिक्षा विभाग का प्रयास


जैसलमेर / सामाजिक कुरुति बाल विवाह को रोकने की जिम्मेदारी अब शिक्षा विभाग उठाएगा। शिक्षा विभाग प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को शादी की सही उम्र की जानकारी देगा। इस संबंध में हाल ही निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने सभी उपनिदेशकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश उपनिदेशक के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी और संस्था प्रधानों के पास भेजे गए हैं। अब संस्था प्रधान इसकी जानकारी और बाल विवाह के दुषपरिणामों के बारे में स्कूलों में विद्यार्थियों को बताएंगे।

प्रार्थना सभा में देंगे जानकारी

बाल विवाह प्रतिरोधक अधिनियम, 1929 के तहत बाल विवाह पर रोक है। विद्यालयों में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी जाएगी। विवाह के लिए लड़की की शादी  18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष है। कम उम्र में शादी होने पर उनसे उत्पन्न खतरे जैसे गर्भपात, एनीमिया, शारीरिक दुर्बलता, उपरिपक्वता, कम वजन होना, बीमार संतान पैदा होना आदि की जानकारी प्रार्थना सभा व खेल सत्र में दी जाएगी। इसके विद्यार्थी स्वयं बाल विवाह नहीं करने का निर्णय लेंगे। साथ ही परिवार व जन समुदाय को भी बाल-विवाह न करने के लिए जागरूक करने का संदेश दिया जाएगा।

अच्छा प्रयास

बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरुति को रोकने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इससे विद्यार्थी स्वयं बाल विवाह नहीं करने का निर्णय लेंगे। सरकार का यह एक अच्छा प्रयास है।

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