Thursday, 14 May 2015

नाराज निदेशक, शिक्षकों को पैतृक विभाग में ज्वाइनिंग करने के दिए आदेश

आदेशों के फेर में उलझी शिक्षकों की प्रतिनियुक्तियां


जैसलमेर । शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के बजाय गैर शैक्षणिक कार्य रास रहे हैं। यही कारण है कि माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले काफी शिक्षक विभाग के आदेश के बाद भी प्रतिनियुक्ति का मोह नहीं छोड़ रहे हैं। इससे नाराज माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने फिर से आदेश निकाले हैं और 15 मई तक मूल पद पर ज्वाइन करने को कहा है। राज्य सरकार ने कई बार शिक्षा विभाग के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति निरस्त कर उन्हें मूल पदस्थापन स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए, लेकिन विभाग में प्रतिनियुक्तियों का सिलसिला समाप्त नहीं हो पा रहा है। इससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इसे गंभीरता से लेते हुए पत्र सभी उपनिदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को लिखा है।

जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा व प्रारंभिक शिक्षा ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी कार्यालय में कोई भी शैक्षिक गैर शैक्षिक कार्मिक राज्य सरकार की अनुमति के बिना प्रतिनियुक्ति कार्य व्यवस्थागत लगे हुए हैं, तो वे 15 मई 2015 तक कार्य मुक्त होकर मूल पदस्थापन कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराएं।  निदेशक की ओर से लिखे गए पत्र में हवाला दिया गया है  कि वर्ष 2009 से 2014 तक शिक्षकों की प्रतिनियुक्तियां समाप्त करने के संबंध में लगभग 11 आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कार्मिक अपना मूल पदस्थापन स्थान छोड़ कर दूसरे विभागों में कार्यरत हैं। निदेशक ने राज्य सरकार की अनुमति के बिना प्रतिनियुक्ति पर लगे कार्मिकों को 15 मई तक आवश्यक रूप से अपने मूल पदस्थापन स्थान पर उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित तिथि तक अपने मूल स्थान पर उपस्थिति नहीं लेने वाले शिक्षकों के वेतन बिल तैयार नहीं किए जाएंगे। जिन प्रकरणों में राज्य सरकार की अनुमति अपेक्षित है उनके प्रस्ताव 20 मई तक निदेशालय मंगवाए गए हैं। जिन्हें परीक्षण के बाद राज्य सरकार को भेजा जाएगा

यह होती है गड़बड़ी

उप निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी जिन शिक्षकों की प्रतिनियुक्तियों के आदेश अपने हस्ताक्षर से जारी करते हैं। वे आदेश रिकॉर्ड में संधारित हैं। इन आदेशों को निरस्त नहीं कर अधिकारी केवल निदेशक द्वारा जारी प्रतिनियुक्ति समाप्ति के आदेश को हस्ताक्षर कर सर्कुलेट कर देते हैं। इसी कारण निदेशक के आदेश के बाद भी शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर लगे रहते हैं।



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