जैसलमेर । राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में 18 मई से राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार का शुभारंभ होगा। अभियान की सफल क्रियान्विति के लिए शुक्रवार को राजस्व, उपनिवेशन, देवस्थान, पुनर्वास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री अमराराम चौधरी ने यहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कलेक्टेट सभागार में मीटिंग की। चौधरी ने जिला कलक्टर से कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 18 मई से 15 जुलाई तक जिले की पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित होने वाली राजस्व लोक अदालतों में प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करें। एसडीएम अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक प्रचार प्रसार करें, ताकि दूर दराज में निवास कर रहे लोगों को अभियान की जानकारी मिल सके। अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए परंपरागत साधनों से प्रचार प्रसार करें। मीटिंग में जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा,ने अभियान के संबंध में कार्ययोजना की जानकारी दी।
जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने जिले में राजस्व लोक अदालत के संबंध में की गई तैयारी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में राजस्व अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को प्रषिक्षण प्रदान कर दिया गया है एवं विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी चिन्हित कर दिया है। उन्होंने प्रभारी मंत्री को विश्वास दिलाया कि इन लोक अदालतों में आमजन को राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा एवं बकाया प्रकरणों को निपटाने की कार्यवाहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में पेयजल आपूर्ति पर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलदेव सिंह उज्जवल ने जिले में महानरेगा के तहत चल रहें कार्यों, उन पर नियोजित श्रमिकों के बारे में विस्तार से जानक ारी दी। बैठक में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, जिले के प्रभारी सचिव रजत कुमार मिश्र, जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजीव पचार, जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, पंचायत समिति जैसलमेर के प्रधान अमरदीन, जिलाध्यक्ष भाजपा स्वरूपसिंह राठौड, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, डॉ. जी.आर. वैष्णव, नरेन्द्रपालसिंह शेखावत, जयसिंह के साथ ही जिलाधिकारीगण उपस्थित थें।
लोक अदालतों का आयोजन एक इतिहास बनाएगा
जिले के प्रभारी मंत्री चौधरी ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा राजस्व लोक अदालत की शुरूआत पहली बार की जा रही है एवं इन अदालतों में बकाया राजस्व प्रकरणों के निस्तारण होने से एक नया इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजस्व न्यायालयों में प्रदेश में लगभग 4 लाख राजस्व प्रकरण लम्बित पडे है जिनकों इन अदालतों के आयोजन से पूर्व चिन्हित कर दिया गया है एवं सूचीबद्व कर दिया है एवं उनको इन अदालतों के माध्यम से निस्तारण करने की कार्यवाहीं की जाएगी।
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