मताधिकार का मामला मानवाधिकार आयोग में
वोटर लिस्ट से 215 नाम हटाए जाने पर विरोध, नए साल में भूख हड़ताल पर बैठे चार
जैसलमेर / जिले के नहरी क्षेत्र ग्राम पंचायतो की मतदाता सूचियों में 215 नाम हटाये जाने के विरोध में, जिला कलक्टर कार्यालय के सामने पिछले छ: दिनों से जारी धरना कल नए साल में नए मोड़ में आ गया । नए साल, यानि 1 जनवरी, 2015 से चार जने भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं । भूख हड़ताल में बैठे उत्तमाराम, भंवरूराम, विजयपाल और जोगेन्द्रसिंह ने बताया कि, वे सपरिवार पिछली 26 दिसम्बर से धरने पर बैठे हैं लेकिन मताधिकार पाने के लिए नए साल से भूख हड़ताल करनी पड़नी क्यों कि पिछले 6 दिनों से हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है । उनके अनुसार यह आंदोलन मताधिकार प्राप्त होने तक जारी रहेगा ।
क्या है मामला
जिले के नहरी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में अवैध, फर्जी व डबल नामों की जांच के जांच के बाद संबंधित मतदाता सूचियों में से 215 नाम हटाये गए । इस संबंध में मताधिकार से वंचित परिवारों ने पुन: नाम जुड़वाने हेतु जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने दिनांक 26 दिसम्बर 2015 से धरना शुरू किया ।
मताधिकार से वंचित लोगों का कहना
भूख हड़ताल पर बैठे मताधिकार से वंचित लोगों का कहना है कि वे वर्षों से अपने मताधिकार का प्रयोग इसी क्षेत्र में कर रहे हैं । पिछले 20 सालों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं । यहां के राशन कार्ड बने हैं, वोटर परिचय पत्र, भामाशाह, आधार कार्ड भी बने हैं और इसके अलावा समय—समय पर सरकारी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, फिर एकाएक, पंचायत चुनावों से पहले हमें मताधिकार से वंचित करना राजनीतिक कार्यवाही है ।
जिला प्रशासन का पक्ष
शिकायत के आधार पर जांच की गई । जांच संबंधित क्षेत्र की पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई । जांच में ये नाम फर्जी, डबल नाम हटाये गए हैं ।
शिकायतकर्ता का कहना है कि,
शिकायतकर्ता हब्बीबुल्ला भाजपा जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा, जैसलमेर पिछले पांच सालों से इन फर्जी व डबल मतदाताओं को हटवाने का प्रयास कर रहा हूूॅं लेकिन कांग्रेस की सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की । अब भाजपा सरकार ने सत्यता का साथ दिया और तथ्यों अनुसार कार्यवाही कर, फर्जी व डबल मतादाताओं के नाम हटा कर हमारे साथ इंसाफ किया है ।
लोकतंत्र अधिकार के पक्ष में मानवाधिकार आयोग ने उठाई आवाज
ग्राम पंचायत चिन्नु की मतदाता सूची से हटायेव गए 215 नाम के विरुद्ध दिनाक 26/12/2014 से जिला मुख्यालय के सामने दिए जा रहे धरने की प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही है तथा मानव के लोकतंत्र के तहत जो मताधिकार का अधिकार है उसे छीना जा रहा है ! इस पर मानवाधिकार आयोग प्रदेश अध्यक्ष विकास व्यास, प्रदेश सचिव सुरेन्द्र गर्ग, साजिद खान, दुर्गेश आचार्य, खटन खान, रविकांत jai, कमलेश छंगाणी, रवि गोयल, हरिवल्लभ, प्रताप प्रजापत, दुलेंद्र भाटिया, ईश्वर सिंह, हजारी प्रसाद, विराट इनखिया, नितिन व्यास, शुभम व्यास, गोरव मोयल, मोहित गौड़ आदि द्वारा धर्नातियो के साथ गांधी दर्शन से रैली निकालकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाते हुए ए.डी.एम. जैसलमेर को लिखित में ज्ञापन दिया गया !
प्रश्नचिन्ह
अब इस मामले में प्रश्नचिन्ह यह लगता है कि जब इनके नाम जुड़वाये गए उस समय सही तहकीकात नहीं की गई । उनके राशन कार्ड यहां के बन गए, वोटर परिचय पत्र बन गए और सरकारी दस्तावेज बन गए, पिछले पंचायत चुनाव, विधानसभा व लोकसभा चुनावों में मताधिकार का प्रयोग किया तब तक सरकार ने क्या किया ? इनके नाम जुड़वाने में किनकी रूचि हो सकती है । ये सब प्रश्न व्यवस्था पर है और नए संशय भी पैदा करते हैं कि ऐसे फर्जी, अवैध व डबल मतदाता कहां कहां हैं ?

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