डाॅ. मीना ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के बताये लाभ
जैसलमेर / जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभाकक्ष गुरूवार को जिला स्तरीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के सम्बन्ध में एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सम्बन्ध में डाॅ. बृजलाल मीना, जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं सहायक निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, जैसलमेर ने कार्यशाला में उपस्थिति सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के दौरान जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के अधिनियम/राज्य नियमों की जानकारी पावर पोईन्ट प्रजेन्टेंशन के माध्यम से लाभदायी जानकारी दी। रजिस्ट्रीकरण की प्रगति समीक्षा कर उसमें सुधार लाने के लिए विविध पहलूओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया, यदि जन्म-मृत्यु की घटनाओं का शत प्रतिशत पंजीकरण किया जाता है तो प्रत्येक 10 वर्ष में होने वाली जनगणना का इन्तजार करने की भी आवश्यकता नहीं रहती है एवं इस अवसर पर उपस्थित संभागीयों को शत प्रतिशत पंजीकरण करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला के दौरान जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पहचान वेब पोर्टल की जानकारी हरीशंकर अग्रवाल, उपनिदेशक एवं एसीपी, ई गर्वनेन्स सेल द्वारा दी गई। अग्रवाल ने उपस्थित संभगीयों को प्रपत्र संख्या 1 एवं को पहचान वेब पोर्टल पर आॅनलाईन कर जन्म एवं मृत्यु के प्रमाण पत्र प्रिन्ट करने सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया गया। डाॅ मीना ये यह भी बताया कि वर्तमान में जिले में 152 रजिस्ट्रार/उपरजिस्ट्रार द्वारा उक्त पहचान वेब पोर्टल में कार्य किया जा रहा है। डाॅ मीना ने पहचान वेव पोर्टल पर जन्म-मृत्यु कार्य की समीक्षा करते हुए बताया कि अब तक जन्म की कुल 23064 सम्भावित घटनाओं में 21534 घटनाओं का पजीकरण कर लिया गया है एवं जन्म मृत्यु के पंजीकरण से सम्बन्धित कार्य में लापरवाही बरतने पर जन्म-मृत्यु अधिनियम 1969 एवं 2000 के अन्तर्गत सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी को दण्डित करने का प्रावधान है।
इस कार्यशाला में नन्दकिशोर दवे, ब्लाक सांख्यिकी अधिकारी, पंचायत समिति जैसलमेर डाॅ रविन्द्र सांखला, उपरजिस्ट्रार, जवाहिर चिकित्सालय, जैसलमेर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डाॅ आर.पी.गर्ग, डाॅ. आर.के. पालीवाल, गौतमचन्द जैन, जिला रसद अधिकारी, महेन्द्र कुमार सोनी, प्रगति प्रसार अधिकारी, पंचायत समिति सांकड़ा, एवं ड्रीम हाॅस्पीटल, ब्लाक सांख्यिकी कार्यालय सांकड़ा एवं सम, महिला बाल विकास विभाग, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, न्यू राजस्थान हाॅस्पीटल, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, सीएससी सांकड़ा, पोकरण, रामगढ़ के कार्मिकों को
इस प्रशिक्षण में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की जानकारी दी। डाॅ मीना ने जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण की लाभ के बारे में बताया कि जन्म प्रमाण पत्र से विधालय में प्रवेश, ड्राईविंग लाईसेन्स, पासपोर्ट, बीमा पाॅलीसी, राशनकार्ड में नाम दर्ज करवाना, सामाजिक सुरक्षा का लाभ लेने के लिए उपयोगी है एवं सम्पति के उत्तराधिकार के लिए, पेंशन एवं बीमा आदि के मामलों को निपटाने के लिए, सम्पति दावों को निपटाने के लिये, भूमि के नामान्तरण के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र उपयोगी है।
कार्यशाला के दौरान जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पहचान वेब पोर्टल की जानकारी हरीशंकर अग्रवाल, उपनिदेशक एवं एसीपी, ई गर्वनेन्स सेल द्वारा दी गई। अग्रवाल ने उपस्थित संभगीयों को प्रपत्र संख्या 1 एवं को पहचान वेब पोर्टल पर आॅनलाईन कर जन्म एवं मृत्यु के प्रमाण पत्र प्रिन्ट करने सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया गया। डाॅ मीना ये यह भी बताया कि वर्तमान में जिले में 152 रजिस्ट्रार/उपरजिस्ट्रार द्वारा उक्त पहचान वेब पोर्टल में कार्य किया जा रहा है। डाॅ मीना ने पहचान वेव पोर्टल पर जन्म-मृत्यु कार्य की समीक्षा करते हुए बताया कि अब तक जन्म की कुल 23064 सम्भावित घटनाओं में 21534 घटनाओं का पजीकरण कर लिया गया है एवं जन्म मृत्यु के पंजीकरण से सम्बन्धित कार्य में लापरवाही बरतने पर जन्म-मृत्यु अधिनियम 1969 एवं 2000 के अन्तर्गत सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी को दण्डित करने का प्रावधान है।
इस कार्यशाला में नन्दकिशोर दवे, ब्लाक सांख्यिकी अधिकारी, पंचायत समिति जैसलमेर डाॅ रविन्द्र सांखला, उपरजिस्ट्रार, जवाहिर चिकित्सालय, जैसलमेर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डाॅ आर.पी.गर्ग, डाॅ. आर.के. पालीवाल, गौतमचन्द जैन, जिला रसद अधिकारी, महेन्द्र कुमार सोनी, प्रगति प्रसार अधिकारी, पंचायत समिति सांकड़ा, एवं ड्रीम हाॅस्पीटल, ब्लाक सांख्यिकी कार्यालय सांकड़ा एवं सम, महिला बाल विकास विभाग, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, न्यू राजस्थान हाॅस्पीटल, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, सीएससी सांकड़ा, पोकरण, रामगढ़ के कार्मिकों को
इस प्रशिक्षण में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की जानकारी दी। डाॅ मीना ने जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण की लाभ के बारे में बताया कि जन्म प्रमाण पत्र से विधालय में प्रवेश, ड्राईविंग लाईसेन्स, पासपोर्ट, बीमा पाॅलीसी, राशनकार्ड में नाम दर्ज करवाना, सामाजिक सुरक्षा का लाभ लेने के लिए उपयोगी है एवं सम्पति के उत्तराधिकार के लिए, पेंशन एवं बीमा आदि के मामलों को निपटाने के लिए, सम्पति दावों को निपटाने के लिये, भूमि के नामान्तरण के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र उपयोगी है।
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