जैसलमेर / राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कुछ श्रैणी के परिवारों को छोडक़र अन्य परिवारों को अप्रैल माह से गेहूं उनकी पात्रता का सत्यापन होने के बाद ही गेंहूं मिलेगा। केन्द्र सरकार ने 2 अक्टूबर 2013 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया था। जिसके पात्र परिवारों की गाइड लाइन में बदलाव किए गए हैं। अब चयनित उपभोक्ताओं को अपने दस्तावेजों का अप्रैल माह से फिर से सत्यापन करवाना पड़ेगा। जब तक सत्यापन नहीं होगा उनको राशन नहीं दिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिनियम में गरीब असहाय तबके के लोगों को 2 रुपए प्रति किलो की हिसाब से 5 किलो गेहूं प्रति यूनिट उपलब्ध करवाया गया था। जब यह अधिनियम लागू हुआ तब नियमों की शिथिलता एवं जल्दबाजी के चलते लोगों को इसमें शामिल कर आनन फानन में लिस्ट बना कर वितरण कर दिया गया था। जिले में इस योजना के तहत दस हजार परिवार जुड़े हुए हैं।
जब यह अधिनियम लागू किया गया था उस दौरान चुनाव सिर पर थे। तब कारिंदों ने जल्दबाजी में बिना सत्यापन के पार्षदों एवं सरपंचों की लिस्ट एवं आवेदन के आधार पर लोगों को इस योजना में शामिल कर दिया था। करीब छह माह पूर्व जब पता चला कि राज्य को केन्द्र सरकार द्वारा 4.46 करोड़ लाभार्थियों के लिए अन्न उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं राज्य में इस योजना में 5.33 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। ऐसे में अब सही लाभार्थियों का पता लगाने के लिए दुबारा सत्यापन किया जा रहा है।
सत्यापन के बाद मिलेगा गेहूं
अधिनियम के तहत लाभार्थी परिवार जोडऩे में चाहे किसी भी स्तर पर चूक हुई हो लेकिन जो वाकई इस योजना के पात्र परिवार है उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं के साथ घुन भी पिस रहा है। गत दो माह से कई लोग पटवारियों एवं नगर परिषद क्षेत्र के सक्षम अधिकारियों के यहां सत्यापन को लेकर चल रही भ्रम की स्थिति को साफ करने के चक्कर लगा रहे हैं। रसद विभाग ने आदेश जारी कर दिए है कि जब तक सत्यापन नहीं होगा अप्रैल माह से कोटे का गेहूं नहीं मिलेगा।
इनको नहीं होगा सत्यापन
रसद विभाग के अनुसार बीपीएल,स्टेट बीपीएल, अंत्योदय, अन्नपूर्णा,आस्था, भूमिहीन, कृषक, सीमांत कृषक श्रेणी के परिवारों का सत्यापन नहीं होगा। इन्हें इस योजना के लिए पात्र माना है।
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जब यह अधिनियम लागू किया गया था उस दौरान चुनाव सिर पर थे। तब कारिंदों ने जल्दबाजी में बिना सत्यापन के पार्षदों एवं सरपंचों की लिस्ट एवं आवेदन के आधार पर लोगों को इस योजना में शामिल कर दिया था। करीब छह माह पूर्व जब पता चला कि राज्य को केन्द्र सरकार द्वारा 4.46 करोड़ लाभार्थियों के लिए अन्न उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं राज्य में इस योजना में 5.33 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। ऐसे में अब सही लाभार्थियों का पता लगाने के लिए दुबारा सत्यापन किया जा रहा है।
सत्यापन के बाद मिलेगा गेहूं
अधिनियम के तहत लाभार्थी परिवार जोडऩे में चाहे किसी भी स्तर पर चूक हुई हो लेकिन जो वाकई इस योजना के पात्र परिवार है उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं के साथ घुन भी पिस रहा है। गत दो माह से कई लोग पटवारियों एवं नगर परिषद क्षेत्र के सक्षम अधिकारियों के यहां सत्यापन को लेकर चल रही भ्रम की स्थिति को साफ करने के चक्कर लगा रहे हैं। रसद विभाग ने आदेश जारी कर दिए है कि जब तक सत्यापन नहीं होगा अप्रैल माह से कोटे का गेहूं नहीं मिलेगा।
इनको नहीं होगा सत्यापन
रसद विभाग के अनुसार बीपीएल,स्टेट बीपीएल, अंत्योदय, अन्नपूर्णा,आस्था, भूमिहीन, कृषक, सीमांत कृषक श्रेणी के परिवारों का सत्यापन नहीं होगा। इन्हें इस योजना के लिए पात्र माना है।

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