Friday, 20 March 2015

परमानेंट नहीं होंगी आंगनबाड़ी कर्मी, सुविधाएं मिलती रहेंगी

नई दिल्ली / सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी करने कोई प्रस्ताव नहीं है लेकिन उनको मिल रही सुविधाओं में कोई कमी नहीं की जाएगी।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि देश में 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र मंजूर किए गए हैं लेकिन 13 लाख 42 हजार केंद्र ही सक्रिय हैं और इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को 2011 के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इन केंद्रों को और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के जरिए बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इन केंद्रों में स्कूल जाने से पहले बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा भी दी जाती है और साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी इन केंद्रों के जरिए नजर रखी जाती है।

बाल पोषण के लिए केंद्रीय बजट में 15 फीसदी की कटौती किए जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे निश्चितरूप से आंगनबाड़ी केंद्रों को चलाने में दिक्कत आएगी लेकिन इस संबंध में जल्द ही वह स्वास्थ्य मंत्री के साथ वित्त मंत्री से इस संबंध में मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली सहायता का पैसा इस परियोजना में आने वाली कमी को पूरा करने में इस्तेमाल हो इसके लिए वह राज्यों से संपर्क करेंगी।
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