जलदाय विभाग के नलकूपो को प्राथमिकता से विधुत कनेक्शन देने के दिए निर्देश
जैसलमेर । जिला कलक्टर एन.एल. मीना ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखें एवं जहां से भी पानी की समस्या की सूचना मिलती हो वहां तत्काल टैंकरों या पाईपलाईन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था कराना सुनिष्चित करें। उन्होंने अधिशाषी अभियंता विधुत को निर्देश दिए कि वे जलदाय विभाग द्वारा जो नलकूप खोदे गए है एवं जिन नलकूपों की डिमाण्ड राशि जमा करा दी है उन्हें तत्काल हीं विधुतीकरण करावें वहीं अण्डरटैकिंग लेकर भी नलकूपों को विधुत कनैक्शन सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देष दिए ताकि गर्मी की ऋतु में पानी आपूर्ति में सुधार लाया जा सकें।
जिला कलक्टर मीना ने सोमवार को कलेक्टैªट सभागार में आयोजित पेयजल, विधुत, समसामयिक गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में यह निर्देष दिए। जिला कलक्टर ने पोलजी के डेयरी नलकूप को तीन दिवस में, मंगलसिंह की ढाणी को बुधवार सायं तक विधुत कनेक्षन से जोडने के निर्देष दिए। उन्होंने यह भी निर्देष दिए कि वे सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंताओं को पाबंद कर दे कि वे फील्ड में भ्रमण कर विधुत व्यवस्था पर पूरी नजर रखें एवं जहां पर भी व्यवधान आएं वहां तत्काल दुरस्त करानें की कार्यवाहीं करें। उन्होंने विधुत विभाग द्वारा जलदाय विभाग के नलकूपों को समय पर विधुत कनेक्षन नहीं करने को भी
गंभीरता से लिया एवं कडी हिदायत दी कि अब विधुत कनेक्षन में देरी करने को बर्दाष्त नहीं किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने नगरीय निकाय के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे जैसलमेर शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लावें। उन्होंने कहा कि शहर में किसी भी सूरत में 48 घंटे के अंतराल से अधिक पेयजल आपूर्ति नहीं की गई तो इस व्यवस्था को बर्दाष्त नहीं किया जाएगा एवं एकान्तरे पानी आपूर्ति अवष्य ही किया जाए। जिला कलक्टर ने अधिषाषी अभियंता जलदाय पोकरण को निर्देष दिए कि उस क्षेत्र में पानी की समस्या ज्यादा रहती है इसलिए पम्प ड्राईवरों एवं कनिष्ठ अभियंताओं को पाबंद करके पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाएं एवं जहां से भी समस्या आती हो वहां तत्काल इस गर्मी में पीने का पानी लोगों को आवष्यक रूप से उपलब्ध करावें।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे इस भीषण गर्मी में लू-तापघात जैसी बीमारी को ध्यान में रखते हुए उसके उपचार की समुचित व्यवस्था रखें एवं लू-तापघात के बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने है उसका भी प्रचार-प्रसार करवावें। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी श्री जवाहिर चिकित्सालय को निर्देष दिए कि वे चिकित्सालय में एक अलग से वार्ड की व्यवस्था करके उसमें कूलर एवं लू-तापघात के रोगियों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित कर लें। जिला कलक्टर ने नगरीय निकाय के अधिकारी को निर्देष दिए कि जैसलमेर शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार लावें एवं नालोें की नियमित रूप से सफाई करावें ताकि नाले का गंदा पानी मुख्य सडक पर नहीं फैले। उन्होंने रोड लाईट का टाईमर्स सेट कराने के निर्देष दिए एवं कहा कि इस प्रकार से टाईमर सेट करें कि शाम को साढे सात बजे रोड लाईट चालू हों एवं प्रातः साढे पांच बजे रोड लाईट बंद हो जाएं। जिला कलक्टर ने संयुक्त निदेषक पषुपालन को निर्देष दिए कि इस भीषण गर्मी में पषुओं में किसी प्रकार की बीमारी फैलने की सूचना मिले तो वहां तत्काल पषु चिकित्सा टीम भेजकर उपचार की व्यवस्था करावें। जिला कलक्टर ने अधिषाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देष दिए कि आंधियों के कारण जिन सडकों पर भी मिट्टी आ रही है उसको हटाने की तत्काल व्यवस्था करें एवं इसके लिए अलग से टीम भी गठित कर दें ताकि सडक मार्ग अवरूद्व न हों।
ये थे उपस्थित
बैठक में अधीक्षण अभियंता जलदाय ओ.पी. व्यास, अधिषाषी अभियंता जलदाय ए.के. पाण्डे, कुमुद माथुर, दिनेषचंद्र पुरोहित, विधुत जे.आर. गर्ग, पीडब्ल्यूडी हरीष माथुर, आरयूआईडीपी महेन्द्र सिंह पंवार, आरसीएचओं डॉ. आर.पी. गर्ग, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.डी. खींची, संयुक्त निदेषक पषुपालन डॉ. हरिसिंह बारहठ, उपअधीक्षक पुलिस किषनपालसिंह, भू-जल वैज्ञानिक डॉ. एन.डी. इणखियां, कार्यवाहक आयुक्त जब्बरसिंह भी उपस्थित थे।
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